लॉरेंस बिश्नोई गिरोह पश्चिमी यूपी में सक्रिय अपराधियों को लेकर अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। एसटीएफ की यूनिटों ने गिरोह के लिए काम करने वाले अपराधियों और उनसे जुड़े लोगों का विस्तृत डेटा बेस तैयार करना शुरू कर दिया है। हाल के खुलासों के बाद यह कवायद तेज कर दी गई है। संकेत हैं कि डेटा बेस तैयार होने के बाद ऐसे अपराधियों और उनके करीबियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जाएगी।
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह पश्चिमी यूपी: अलीगढ़, आगरा और हापुड़ पर फोकस
एसटीएफ की टीमें अलीगढ़ में भी सक्रिय हो गई हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि कौन से अपराधी दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय रहकर लॉरेंस गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। हाल में आगरा के कुछ शूटर पकड़े गए, जिन्होंने मुंबई में रोहित शेट्टी के आवास पर फायरिंग की थी।
पिछले वर्ष हापुड़ में लॉरेंस गिरोह से जुड़े शूटर नवीन को मार गिराया गया था।
मुनीर गैंग और पुराने अपराधियों की भी जांच
एसटीएफ अब मुनीर गैंग से जुड़े अपराधियों की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। मुनीर के जेल जाने और बाद में मारे जाने के बाद उसका गिरोह तितर-बितर हो गया था। दिल्ली में सक्रिय रहे मुनीर से जुड़े अपराधियों के तार लॉरेंस गिरोह से जुड़े हैं या नहीं, इसकी पड़ताल की जा रही है। इसमें एएमयू में शिक्षक दानिश राव की हत्या में फरार एक-एक लाख के इनामी नौशा बरला के शूटर भाई जुबैर, यासिर और फहद भी शामिल हैं। दिल्ली तिहाड़ में निरुद्ध मुनीर का राइट हैंड रहा आशुतोष मिश्रा भी जांच के दायरे में है।
करीबियों और नेटवर्क की निगरानी
एसटीएफ अधिकारी सूत्रों के अनुसार, जिन अपराधियों के नाम उजागर हुए हैं, उनके करीबियों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी जुटाई जा रही है। कुछ आरोपी फिलहाल अलीगढ़ में भी सक्रिय बताए जा रहे हैं। डीआईजी रेंज प्रभाकर चौधरी ने कहा कि संगठित अपराधियों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जेल में बंद अपराधियों की निगरानी भी लगातार की जा रही है।
ताबड़तोड़ कार्रवाई की तैयारी
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह पश्चिमी यूपी में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी है। डेटा बेस के आधार पर चिन्हित अपराधियों पर जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। पश्चिमी यूपी के अलग-अलग जिलों में सक्रिय इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एसटीएफ ने अपनी रणनीति तेज कर दी है।






