मुजफ्फरनगर। नवीन मंडी समिति में आग की घटना के बाद अब व्यापारियों ने मंडी की बदहाल व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं। बुधवार को मंडी समिति कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर सहारनपुर देवेंद्र वर्मा, डीडीसी नितिन शर्मा, सचिव वीरेंद्र कुमार चंदेल, पूर्व सचिव कुलदीप सिंह और निर्माण विभाग के जेई से मुलाकात की गई।
व्यापारियों ने अधिकारियों को मंडी परिसर की कई पुरानी और नई समस्याओं से अवगत कराया। सबसे पहले आग से प्रभावित दुकान और उसके आसपास क्षतिग्रस्त हुई दुकानों की मरम्मत व निर्माण का मुद्दा उठाया गया। व्यापारियों ने कहा कि आग लगने के बाद दुकानदारों को नुकसान झेलना पड़ा है, इसलिए मरम्मत और निर्माण कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए।
आग से प्रभावित दुकानों का जल्द निर्माण कराने की मांग
मुलाकात के दौरान व्यापारियों ने अधिकारियों से मांग की कि मंडी में आग से प्रभावित दुकान और आसपास क्षतिग्रस्त हिस्सों का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए। उनका कहना था कि जब तक दुकानों की मरम्मत पूरी नहीं होगी, तब तक संबंधित व्यापारियों के सामने कारोबार चलाने में परेशानी बनी रहेगी।
इसके साथ ही मंडी की उन दुकानों और हिस्सों की भी जांच कराने की बात रखी गई, जहां आग की घटना के बाद नुकसान की आशंका है। व्यापारियों ने कहा कि मंडी में सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर अब ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
तिकोनी मंडी के फड़ों और टूटी सड़कों का मुद्दा उठा
व्यापारियों ने तिकोनी मंडी में शेष रह रहे फड़ों का निर्माण पूरा कराने की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी। उनका कहना था कि अधूरे निर्माण और व्यवस्थित फड़ न होने से मंडी में आने-जाने वाले व्यापारियों और किसानों दोनों को दिक्कत होती है।
मंडी परिसर की टूटी और अधूरी सड़कों का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। व्यापारियों ने कहा कि मंडी के कई छोटे-छोटे हिस्सों में सड़कें टूटी हुई हैं या निर्माण अधूरा पड़ा है। इससे बारिश के समय कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन जाती है, जबकि सामान्य दिनों में भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है।
स्ट्रीट लाइट और जलभराव की समस्या भी रखी
बैठक में मंडी परिसर की प्रकाश व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। व्यापारियों ने अधिकारियों को बताया कि कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से शाम और रात के समय परेशानी होती है। मंडी में देर तक काम करने वाले व्यापारी, मजदूर और वाहन चालक अंधेरे के कारण असुरक्षा महसूस करते हैं।
बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को भी गंभीर मुद्दा बताया गया। व्यापारियों ने कहा कि हर बार बरसात में मंडी के कई हिस्सों में पानी भर जाता है। इससे न केवल कारोबार प्रभावित होता है, बल्कि किसानों की उपज और व्यापारियों के माल को भी नुकसान का खतरा बना रहता है।
इस दौरान संजय मिश्रा और मनीष चौधरी ने भी अधिकारियों से मुलाकात कर व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि मंडी समिति प्रशासन अब इन समस्याओं पर तेजी से कदम उठाएगा, ताकि मंडी में कारोबार करने वालों और यहां आने वाले किसानों को राहत मिल सके।






