मीनाक्षी स्वरूप का छापा-वार्ड 3 में बिना सरिया डाले ठेकेदार ने बना दिया 30 मीटर नाला

एई पीडब्ल्यूडी से कराई जांच, ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश, भुगतान पर लगाई तत्काल रोक, एई-जेई को नोटिस, जन शिकायत का संज्ञान लेकर देर रात पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने मारा छापा, जांच में खुली गंभीर अनियमितता की पोल

मुजफ्फरनगर। सुजड़ू रोड स्थित वार्ड संख्या तीन में नगरपालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे आरसीसी नाला निर्माण कार्य में ठेकेदार की मनमानी और गंभीर लापरवाही के साथ ही मानकों और शतों का उल्लंघन कर बरती गई अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। क्षेत्रवासियों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने गुरुवार देर रात अचानक स्थल पर पूरे लाव लश्कर के साथ छापामार निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हुई तकनीकी जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने निर्माण विभाग की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए।

देर रात जब पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप मौके पर पहुंचीं तो लोगों ने उनको यहां नाला निर्माण में बरती जा रही अनियमितता की शिकायत की। मीनाक्षी स्वरूप ने मजदूर लगाकर निर्माण सामग्री को खुदवाया और तैयार किये गये नाले की दीवारों को जेसीबी मशीन से उखड़वाकर तकनीकी जांच मौके पर ही कराई गई, इसमें पाया गया कि ठेकेदार द्वारा लगभग 30 मीटर लंबाई तक नाले की बनाई गई आरसीसी की दीवारों में सरिया ही नहीं डाला गया था। इसके अलावा जहां लाल रोडी डालकर बिस्तर तैयार होना चाहिए था, वहां सीधे मिट्टी पर ही आरसीसी डालकर नाला तैयार कराने की कोशिश की जा रही थी। निर्माण सामग्री भी अत्यंत निम्न गुणवत्ता की पाई गई।

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पालिका अध्यक्ष द्वारा मौके पर ही बुलाए गए इंजीनियरों की टीम ने तकनीकी परीक्षण किया, जिसमें आरसीसी संरचना में मानकों के अनुरूप सरिया का न होना और सामग्री की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई। गंभीर अनियमितताओं के सामने आने पर पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने मौके पर ही ठेकेदार फर्म मै. संजय कुमार कॉन्ट्रैक्टर के प्रोपराइटर संजय कुमार पुत्र सत्यप्रकाश निवासी साकेत कालोनी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह को तत्काल मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, पालिकाध्यक्ष ने निर्माण विभाग के एई और जेई की भी लापरवाही पर कठोर रुख अपनाते हुए दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि मानकविहीन कार्य किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि नाला निर्माण में गंभीर अनियमितता सामने आई हैं। ठेकेदार का भुगतान रोकने, विस्तृत जांच कराये जाने के साथ ही ठेकेदार फर्म द्वारा नगर के विभिन्न स्थानों पर कराए गए अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह जताया गया। हमने लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि ठेकेदार फर्म द्वारा कराये गये सभी संबंधित कार्यों की जांच लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता से कराई जाए।

अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि उक्त नाला निर्माण कार्य 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त निधि से खालापार-सूजडू सम्पर्क मार्ग पर हीरा डेरी से जायका फास्ट फूड तक कराया जा रहा है। ठेकेदार को 22 नवंबर 2025 को छह माह की समयावधि के साथ गुणवत्ता-परक निर्माण का आदेश दिया गया था, परंतु मौके पर सभी मानकों की धज्जियां उड़ाई गईं। एई और जेई द्वारा मौके पर निरीक्षण न करना, निर्माण की गुणवत्ता की जांच न करना और पालिकाध्यक्ष के निर्देशों की अनदेखी करना भी गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। इसको लेकर पालिकाध्यक्ष के दिशा निर्देश के अनुसार कार्यवाही कराई जा रही है। वर्तमान में पालिका के निर्माण विभाग के द्वारा कराये जा रहे नाला निर्माण की तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए एई लोक निर्माण विभाग कामेश्वर सिंह से जांच कराई जायेगी। इस कार्रवाई से भविष्य में मानकविहीन निर्माण कार्यों पर अंकुश लगेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

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