रंगदारी और फायरिंग की घटना में वांछित थे दोनों आरोपी, स्पलेंडर बाइक, अवैध तमंचा व पिस्टल बरामद
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जनपद में अपराधियों के विरुद्ध अभियान चला रही ककरौली पुलिस को मंगलवार रात एक बड़ी सफलता मिली, जब सम्भलहेड़ा रोड पर चेकिंग के दौरान दो शातिर बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने धरदबोचा। दोनों अभियुक्त हाल ही में जटवाड़ा गांव में रंगदारी न देने पर पूर्व प्रधान के घर पर फायरिंग की घटना में वांछित थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना ककरौली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया। एडीजी मेरठ जोन एवं डीआईजी सहारनपुर रेंज के मार्गदर्शन में गठित टीम ने हिस्ट्रीशीटर आबाद और उसके साथी जमाल उर्फ छोटे को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हुए हैं और उनका उपचार अस्पताल में चल रहा है।
थाना ककरौली क्षेत्र के ग्राम जटवाड़ा निवासी व पूर्व प्रधान सालिम ने 4 जनवरी को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही आबाद और जमाल ने उससे 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगते हुए न देने पर उसके घर पर जानलेवा फायरिंग की थी। मामले में थाना ककरौली में मुकदमा दर्ज कर दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई थी। 15 जनवरी को थाना ककरौली पुलिस सम्भलहेड़ा रोड पर गश्त व चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर ने सूचना दी कि दोनों वांछित बदमाश एक मोटरसाइकिल पर नहर मार्ग से आने वाले रास्ते पर देखे जाएंगे। इस पर पुलिस टीम ने घेराबंदी तेज कर दी। कुछ देर बाद एक बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर बाइक आती दिखाई दी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाश बाइक मोड़कर जंगल की ओर भागने लगे।
कच्चे रास्ते में बाइक फिसलने पर आरोपी गिर पड़े और तत्काल पुलिस पर फायरिंग करते हुए जंगल की ओर भागे। पुलिस टीम ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। कुछ ही देर में दोनों बदमाश गोली लगने से घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक तमंचा 315 बोर, एक पिस्टल 32 बोर, चार जिंदा तथा दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। घायल हुआ आरोपी आबाद थाना ककरौली क्षेत्र का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, डकैती, लूट, 307 जैसे गंभीर मामलों में 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। दूसरा आरोपी जमाल उर्फ छोटे भी छपार, सिविल लाइन सहित कई थानों में 307, 392, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट में वांछित रह चुका है। इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष जोगिंदर सिंह, उ.नि. नरेंद्र सिंह, उ.नि. सचिन चौधरी, उ.नि. देवकी नंदन, हेडकांस्टेबल प्रवीण कुमार, कांस्टेबल सुशील कुमार और कांस्टेबल कृष्ण कुमार की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस के अनुसार दोनों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन इसे अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी सफलता मान रहा है।






