मुजफ्फरनगर। एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के खिलाफ भाकियू अराजनैतिक के धरने के दौरान मिली शिकायतों के आधार पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच की। इस दौरान मुजफ्फरनगर की 19 पेपर मिलों में RDF ईंधन के उपयोग को लेकर अनियमितताओं की आशंका जताई गई, जिसके बाद बोर्ड ने संबंधित मिलों को नोटिस जारी कर सैंपल जांच की प्रक्रिया शुरू की है। एनसीआर क्षेत्र में सॉलिड वेस्ट और लिगेसी कचरे के उपयोग पर प्रतिबंध को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण को लेकर भाकियू अराजनैतिक के धरने के दौरान प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जांच की कार्रवाई शुरू की है। इस क्रम में बोर्ड की टीम ने मुजफ्फरनगर स्थित 19 पेपर मिलों में RDF ईंधन के उपयोग और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन की स्थिति की जांच की।
क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने मिल परिसरों में बॉयलरों में प्रयुक्त ईंधन की जांच की और एयर पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम (APCS) की कार्यप्रणाली का भी परीक्षण किया। प्रारंभिक निरीक्षण के बाद बोर्ड ने पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को लेकर स्पष्टीकरण प्राप्त करने हेतु 19 पेपर मिलों को नोटिस जारी किए हैं।
नोटिस प्राप्त करने वाली इकाइयों में अग्रवाल डुप्लेक्स, शाकंभरी पल्प एंड पेपर, बिंदल पेपर मिल, बिंदल डुप्लेक्स, टिहरी पल्प एंड पेपर, श्री भागेश्वरी पेपर मिल, श्री बालाजी पेपर मिल, कृष्णांचल पल्प एंड पेपर मिल, सिद्धेश्वरी इंडस्ट्री, केके डुप्लेक्स, महालक्ष्मी क्राफ्ट एंड टिश्यू, ओरिएंट बोर्ड पेपर मिल, सिल्वरटन पेपर मिल, सिल्वरटन पेपर लिमिटेड यूनिट-2, दिशा इंडस्ट्रीज, गर्ग डुप्लेक्स, जीनस पेपर एंड बोर्ड, एरिस्टोक्राफ्ट पेपर्स और गैलेक्सी पेपर मिल शामिल हैं।
बोर्ड की टीम ने निरीक्षण के दौरान चिमनियों से उत्सर्जन और कचरे के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा ने नोटिस में उल्लेख किया है कि RDF और अन्य ईंधनों का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है, क्योंकि किसी भी प्रकार की अनियमितता मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। आगे की जांच में यदि मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो मामले को बोर्ड मुख्यालय लखनऊ को अग्रेषित कर नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
इसी क्रम में रविवार दोपहर टीम एआरटीओ द्वारा कब्जे में लिए गए RDF से लदे ट्रकों की भोपा रोड स्थित पार्किंग पर भी पहुंची। यहां लखनऊ से आए ट्रकों से RDF के सैंपल लिए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
क्षेत्रीय अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी इकाई में RDF का उपयोग मानकों के विपरीत पाया जाता है या एयर पॉल्यूशन कंट्रोल सिस्टम प्रभावी रूप से कार्यरत नहीं मिलता है, तो संबंधित इकाई के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सकती है।






