मेरठ / सहारनपुर। सहारनपुर जिले के नकुड़ क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं से वसूले गए करीब 32 लाख रुपये विभागीय कार्यालय कोष में जमा न होने का गंभीर मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद टीजी-2 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया गया है, जबकि अधिशासी अभियंता समेत छह कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई है। यह मामला सामने आते ही विभागीय तंत्र में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, उपभोक्ताओं से वसूला गया लगभग 32 लाख रुपये का राजस्व कार्यालय कोष में जमा नहीं कराया गया। मामला प्रकाश में आने पर शिकायत एमडी पीवीवीएनएल रवीश गुप्ता तक पहुंची।
उन्होंने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच बैठा दी। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए और विभागीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका स्पष्ट हुई।
जांच में मुख्य रूप से दोषी पाए गए टीजी-2 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी फिलहाल फरार है।
इसके साथ ही अधिशासी अभियंता, एक सहायक एकाउंटेंट, एक एकाउंटेंट और दो लिपिकों को भी राजस्व हानि का दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। विभागीय कार्रवाई के तहत सभी के खिलाफ आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
32 लाख रुपये के इस मामले ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।






