पत्नी के साथ कथित अवैध संबंध और पारिवारिक विवाद बना था हत्या की वजह, तमंचा, कारतूस व धारदार हथियार बरामद
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में हुए चर्चित हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पारिवारिक विवाद और मानसिक प्रताड़ना इस हत्या की मुख्य वजह सामने आई है।
थाना भोपा क्षेत्र में हुए हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के अभियोग में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। बुधवार को इस मामले का खुलासा करते हुए एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि 23 मार्च 2026 को ग्राम शाहदरा बांगर निवासी अर्जुन सिंह ने थाना भोपा में तहरीर देकर बताया था कि मनोज ने अपने भतीजे भरत सिंह और नाबालिग पुत्र के साथ मिलकर उसके भाई अक्षय कुमार की दरांती से वार कर और गोली मारकर हत्या कर दी।
इस मामले में थाना भोपा पर हत्या समेत विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। 24 मार्च को पुलिस टीम ने ग्राम जौली से विलायतनगर जाने वाले मार्ग से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मनोज पुत्र महावीर, भरत सिंह पुत्र संजय, निवासी शाहदरा बांगर और मनोज का नाबालिग पुत्र पकड़े गए। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक छुरी और एक दराती बरामद की। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
एसपी देहात ने बताया कि पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में मुख्य आरोपी मनोज ने बताया कि उसकी पत्नी के मृतक अक्षय कुमार से कथित अवैध संबंध थे। इस कारण पारिवारिक विवाद बढ़ा और बदनामी होने पर उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद अक्षय कुमार द्वारा उसके नाबालिग पुत्र को इन अवैध सम्बंधों के लिए ताने देकर लगातार प्रताड़ित किया जाता था। घटना वाले दिन जब उसका पुत्र खेत में चारा काट रहा था, तभी अक्षय कुमार ने वहां पहुंचकर अपशब्द कहे और ताने दिए। इससे आक्रोशित होकर मनोज ने अपने पुत्र और भतीजे के साथ मिलकर अक्षय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। थाना भोपा में हत्या सहित भारतीय न्याय संहिता एवं आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में गठित टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।






