शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण मामला में प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने शनिवार को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। अदालत ने पुलिस कमिश्नर की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह निर्देश जारी किया। इस मामले में उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज करने को कहा गया है। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने 13 फरवरी को आदेश सुरक्षित रखा था, जिसके बाद अब यह फैसला सुनाया गया।
क्या है शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण मामला
जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कोर्ट में दो नाबालिग बच्चों को पेश कर आरोप लगाए थे। अदालत में कैमरे के सामने बच्चों के बयान दर्ज किए गए। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा, “हम दर-दर भटक रहे थे। पुलिस के पास जा रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसलिए न्याय के मंदिर में आए। आज लगा कि न्याय अभी जिंदा है। न्यायालय ने हमें न्याय दिया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिष्यों के साथ यौन शोषण और समलैंगिक अपराध किया गया है, जिसकी पुष्टि न्यायालय ने कर दी है।
डिप्टी सीएम और अखिलेश यादव को दी चुनौती
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि वे अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम से पैदल यात्रा में साथ चलने की अपील करते हैं। उन्होंने कहा कि वे विद्यामठ, बनारस जा रहे हैं, जहां कथित तौर पर शंकराचार्य रंगरलियां मनाते हैं। उन्होंने कहा, “पंचम तल दिखाना चाहता हूं, जहां शीश महल है। वहां इनकी सखियां रहती हैं। हम आज से पैदल यात्रा शुरू कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पद पर नहीं बैठना चाहिए, इन्हें जेल में होना चाहिए।”
शंकराचार्य का जवाब: केस बताया फर्जी
कोर्ट के आदेश के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यौन शोषण का केस फर्जी साबित होगा और यह बनाया हुआ मामला है।उन्होंने कहा कि आशुतोष महाराज रामभद्राचार्य के शिष्य हैं और पहले भी लोगों पर झूठे मुकदमे कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब उनके खिलाफ साजिश के तहत किया जा रहा है। शंकराचार्य ने कहा, “रामभद्राचार्य से हमारा वाकयुद्ध चलता रहता है। उन्होंने अपने चेले को आगे कर फर्जी मुकदमा करवाया है। सरकार के खिलाफ गोमाता की रक्षा की आवाज हम न उठाएं, इसलिए यह सब हो रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि वे न्यायालय की प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे और जल्द जांच पूरी होनी चाहिए।
शीश महल के आरोपों पर सफाई
शीश महल के आरोपों पर शंकराचार्य ने कहा कि उनका मठ खुला है और वहां 100-200 लोग रहते हैं। कोई भी आ-जा सकता है। उन्होंने कहा, “न्यायालय का एक प्रोसिजर है, उसका हम सहयोग करेंगे। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। बनावटी केस बनावटी ही रहेगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सीएम योगी सदन में उनके खिलाफ बोलते हैं तो वह पुलिस को संदेश देने जैसा होता है। मामले में अब पुलिस को अदालत के आदेश के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई करनी होगी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण मामला को लेकर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक जगत में हलचल तेज हो गई है।






