मुजफ्फरनगर। आबकारी मोहल्ला निवासी सोनू कश्यप की हत्या के मामले में पीड़ित परिजनों से मिलने जा रहे आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया। भोपा पुल के पास नवीन पेट्रोल पंप के नजदीक सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर सांसद के काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, सोनू कश्यप की मेरठ के ज्वालागढ़ गांव में कथित रूप से जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से लगातार विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। एक दिन पहले मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट पर भी पीड़ित परिवार और समाज के लोगों ने प्रदर्शन कर आरोपियों को फांसी देने तथा परिवार को मुआवजा देने की मांग उठाई थी। इन्हीं मांगों के समर्थन में सांसद चंद्रशेखर आज़ाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे।
पुलिस द्वारा रोके जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा, सीओ नई मंडी राजू कुमार साव, सीओ जानसठ रुपाली राव और सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रशासन और सांसद के बीच सहमति बनी कि पीड़ित परिवार से बातचीत पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में कराई जाएगी। इसके बाद सांसद अपने काफिले के साथ मेरठ रोड स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा जारी रही।
इधर, सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर परिजनों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मृतक की बहन आरती कश्यप का कहना है कि उनका भाई सोनू उर्फ रोनू घर से लगभग 80 हजार रुपये लेकर मेरठ मौसी के यहां जाने की बात कहकर निकला था। वह बाइक खरीदने की योजना बना रहा था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। आरती ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल एक नाबालिग को आरोपी बताना संदेहास्पद है। उनका दावा है कि इस तरह की घटना में अन्य लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
परिजनों ने बताया कि सोनू गाजियाबाद के मुरादनगर में तंदूर भट्टी पर काम करता था और वही पूरे परिवार का खर्च उठाता था। परिवार में बीमार मां, एक भाई और एक बहन हैं, जबकि पिता का पहले ही निधन हो चुका है। सोनू ही परिवार का एकमात्र सहारा था।
इस बीच सामाजिक न्याय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कश्यप ने भी पीड़ित परिवार के समर्थन में आवाज उठाते हुए 50 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
पीड़ित परिवार और समर्थकों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और सोनू कश्यप को न्याय दिलाया जाए। फिलहाल प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और आगे की कार्रवाई को लेकर सभी की निगाहें पुलिस पर टिकी हैं।






