एसआईबी के छापे में हुआ खुलासा, दो करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी हुई उजागर, अमन रोलिंग मिल्स के खिलाफ कार्यवाही
मुजफ्फरनगर। राज्यकर विभाग की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच ने दिल्ली देहरादून हाईवे पर स्थित ‘अमन रोलिंग मिल्स प्रा०लि० पर छापेमारी की। पूर्व विधायक एवं वर्तमान में रालोद के बड़े नेता के रूप में पहचान रखने वाले नूर सलीम राणा की इस मिल पर करीब 24 घंटे की गहन जांच में करीब 2 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का खुलासा किया गया है। हालांकि पूर्व विधायक नूर सलीम राणा का कहना है कि उन्हें कुछ नहीं बताया गया कि कितनी जीएसटी टैक्स की गड़बड़ी पाई है, इसलिए ही उनके द्वारा जुर्माना राशि के रूप में कोई धनराशि विभागीय स्तर पर जमा कराई गई है।
राज्यकर विभाग की टीम ने मेरठ रोड स्थित अमन रोलिंग मिल्स पर 21 अप्रैल की सुबह आठ बजे कार्रवाई शुरू की, जो 22 अप्रैल को सुबह सात बजे तक तक चली। संयुक्त आयुक्त (वि०अनु०शा०) सिद्धेश चन्द्र दीक्षित ने बताया कि दिल्ली देहरादून हाईवे पर संधावली बाईपास पर स्थित अमन रोलिंग मिल्स प्रा. लि. पर टैक्स चोरी का इनपुट मिलने के बाद उपायुक्त मनोज कुमार शुक्ला के नेतृत्व में इस जांच में फर्म की पोल खुल गई। भौतिक सत्यापन के दौरान अभिलेखों और स्टॉक में भारी विसंगतियां पाई गईं। जांच में 167 लाख रुपये का तैयार माल मौके पर कम मिला, जबकि 28.72 लाख रुपये का कच्चा माल अधिक पाया गया। इन आंकड़ों के आधार पर विभाग ने प्रथम दृष्टया लगभग 2 करोड़ रुपये की कर चोरी की पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि अमन रोलिंग मिल्स के मालिक चरथावल के पूर्व विधायक नूरसलीम राणा हैं और वो साल 2021 से रालोद में सक्रिय राजनीति कर रहे हैं। इस बार भी वो रालोद और भाजपा गठबंधन में चरथावल सीट से टिकट के दावेदार बने हुए हैं। अपने पुत्रों के साथ वो अमन रोलिंग मिल्स को देख रहे हैं। एक बड़े राजनीतिक रसूख वाले व्यक्ति की फैक्ट्री में हुई इस छापेमारी और कर चोरी के खुलासे ने मुजफ्फरनगर की राजनीति में भी सुगबुगाहट बढ़ा दी है। फिलहाल, विभाग मामले की अग्रिम जांच कर रहा है, जिससे आने वाले समय में जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में उप आयुक्त कृष्ण कुमार, सहायक आयुक्त योगेन्द्र प्रसाद सिंह, संतोष सिंह, अजय पाण्डेय, सुदीप कुमार श्रीवास, मोहम्मद दानिश व अन्य विभागीय अधिकारी शामिल रहे।






