आयुष मलिक प्रकरण में पुलिस ने दो आरोपियों को भेजा जेल, 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
शामली। जनपद शामली में कथित प्रेम जाल, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वामी यशवीर के द्वारा सोशल मीडिया पर इस मामले को हवा दी गई और इसके बाद से विवादों में चल रहे इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपी युवती और उसके पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव और राजनीतिक-सामाजिक हलचल बनी हुई थी।
शामली जनपद में दवा कारोबारी देवराज मलिक के पुत्र आयुष मलिक से जुड़े पांच साल पुराने कथित धर्मांतरण प्रकरण में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई रविवार को की गई, जिसके बाद दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार यह मामला तब गंभीर हुआ जब पीड़ित परिवार की ओर से शनिवार को थाने में तहरीर दी गई, जिसमें पिता देवराज ने आरोप लगाया गया कि उसके पुत्र आयुष मलिक को एक सुनियोजित साजिश के तहत प्रेम जाल में फंसाया गया, मानसिक दबाव बनाया गया और कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। साथ ही आरोप है कि चार वर्ष पूर्व एक फर्जी निकाहनामा तैयार कराया गया और उसी के आधार पर ब्लैकमेलिंग कर आर्थिक वसूली भी की गई।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि जब पीड़ित परिवार को इस पूरे मामले की जानकारी हुई और उन्होंने विरोध किया, तो उन पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाने लगा तथा कथित तौर पर धमकियां दी गईं। इस मामले में चांदनी कुरैशी के अलावा उसके परिवार के अन्य सदस्योंकृबहनें राबिया कुरैशी, सुमायला कुरैशी, भाई आस मोहम्मद उर्फ आसू कुरैशी, सलीम उर्फ भोला, हुमा कुरैशी और पिता इस्लाम कुरैशी सहित कई लोगों के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही दो मौलवियों और एक अन्य व्यक्ति सहित कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि आजाद चौक स्थित कादियां मस्जिद के पास रहने वाले एक मौलवी और अन्य सहयोगियों ने भी इस पूरे प्रकरण में भूमिका निभाई और मानसिक दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया।
उल्लेखनीय है कि कुछ स्थानीय लोगों ने योग साधना आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर से मिलकर शिकायत की थी कि यह एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया प्रकरण है। इसके बाद यह मामला सार्वजनिक चर्चा में आ गया। इसी बीच 12 जून को शिव चौक पर हिंदू महापंचायत आयोजित करने की घोषणा भी की गई थी, जिसके चलते प्रशासन पर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। लगातार बढ़ते विवाद और आरोपों के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों और तहरीर के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है।
इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर जारी बयान में स्वामी यशवीर की ओर से कहा गया कि इस मामले में यह भी जानकारी मिली है कि आयुष मलिक का मुंबई ले जाकर खतना कराया गया है और वो हज भी करके आया है। इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए और यदि अन्य राज्यों के लोग या बाहरी तत्व भी इसमें शामिल हैं तो उनकी भी भूमिका स्पष्ट की जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई आवश्यक है। पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






