मुजफ्फरनगर-कम्पनी बाग से पेड़ काटने को लेकर पालिका में हंगामा

वाटिका प्रभारी और सभासदों के बीच नोकझोंक, बोर्ड ने की हटाये जाने और कार्यवाही करने की मांग

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका की बैठक में उस वक्त जोरदार हंगामा खड़ा हो गया, जब कम्पनी बाग में पेड़ों की कटाई का मामला सभासदों ने बेहद मुखर होकर पालिकाध्यक्ष के समक्ष उठाया। वाटिका प्रभारी और सभासदों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस हो गई। सभासदों ने इसे पर्यावरण विरोधी बताते हुए प्रभारी को हटाने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ ही एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। बोर्ड की तीखी प्रतिक्रियाओं को देखते हुए अधिशासी अधिकारी ने कम्पनी बाग में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य को फिलहाल तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। साथ ही कार्यदायी एजेंसी सी एंड डीएस पर नियमों के उल्लंघन के कारण जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
बता दें कि नगरपालिका परिषद् के द्वारा शहर के मेरठ रोड पर स्थित कंपनी बाग के नाम से पहचान रखने वाली कमला नेहरू वाटिका में मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के अंतर्गत थीम पार्क के रूप में विकसित करने के लिए सौन्दर्यीकरण कार्य कराया जा रहा है। करीब 2.25 करोड़ रुपये के बजट से सिंथेटिक ट्रैक, फव्वारे, हाईमास्ट लाइट, पत्थर की मूर्तियां, जंगल थीम पार्क, झील, टॉय ट्रेन और अन्य कार्य होना प्रस्तावित है। इसके लिए बजट मिलने के बाद कार्यदायी संस्था सीएनडीएस ने कार्य शुरू करा दिया है। बताया गया कि रविवार की देर रात बिना अनुमति के ही कार्यदायी संस्था के द्वारा कम्प्नी बाग में बेल, लीची और दूसरे फलदार वृक्ष काट दिए गए, इसी को लेकर हंगामा खड़ा हो गया।
सोमवार को जहां कम्पनी बाग में पहुंचे मोर्निंग वाकर्स ने हरे भरे फलदार पेड़ कटे देखे तो उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन किया और कार्यवाही की मांग की। वहीं टाउनहाल में हुई पालिका बोर्ड मीटिंग में सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, नौशाद खां, खालिद, रजत धीमान, प्रशांत गौतम, योगेश मित्तल आदि सभासदों ने कम्पनी बाग से पेड़ काटे जाने के प्रकरण को मुखरता के साथ पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के समक्ष उठाया।
सभासदों ने इसके लिए वाटिका प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय प्रताप शाही को पूरी तरह से कठघरे में खड़ा करते हुए सदन में ही जवाब तलब किया, जिसको लेकर गंभीर हंगामा हुआ और अधिकारी एवं सभासदों के बीच काफी नोकझौंक हुई। सभासद राजीव शर्मा ने सदन में ही डॉ. अजय को हटाये जाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने सदन को आश्वस्त किया कि वो इस मामले में गंभीर है। रात्रि में ही प्रकरण संज्ञान में आने के बाद कार्यदायी संस्था को फिलहाल काम रोकने के लिए आदेशित कर दिया गया था। कार्यदायी संस्था के एई रामवीर सिंह से भी जवाब तलब किया जा रहा है और वाटिका प्रभारी डॉ. अजय शाही से भी जवाब तलब किया जायेगा। ईओ ने बताया कि कम्पनी बाग से चार फलदार पेड़ों का काटा गया है। आरोप है कि कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के द्वारा पेड़ों का कटान कराया जा रहा है। इसके लिए पालिका अपने स्तर से जांच करा रही है। साथ वन विभाग को पत्र लिखकर काटे गये पेड़ों का मूल्यांकन कराते हुए कार्यदायी संस्था से रकम की वसूली के लिए जुर्माना लगाया जायेगा।

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कोरम पूरा होने के लिए करना पड़ा चेयरपर्सन को इंतजार
मुजफ्फरनगर नगरपालिका परिषद् की बोर्ड मीटिंग में पहली बार पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप को मीटिंग शुरू करने के लिए कोरम पूरा होने तक इंतजार करना पड़ा। पालिकाध्यक्ष समय से टाउनहाल सभागार में पहुंच गई थी, लेकिन सभासदों की संख्या कम थी। 55 निर्वाचित सदस्यों वाले बोर्ड में कोरम पूरा नहीं होने के कारण मीटिंग निर्धारित समय से शुरू नहीं हो पाई। इसके कुछ देर बाद जब उपस्थित सदस्यों की संख्या 34 हुई तो पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने मीटिंग शुरू कराई। हालांकि इस मीटिंग में 49 सभासद मौजूद रहे, जबकि 6 सभासद पारूल मित्तल, ममता बालियान, मितलेश देवी, रजिया बेगम, अन्नू कुरैशी और हनी पाल गैर मौजूद रहे। हनी पाल बीमारी के कारण एम्स में भर्ती हैं। इसके साथ ही ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह के साथ ही कार्यवाहक टीएस पारूल यादव, एई जलकल अनुज कुमार, एई निर्माण नैपाल सिंह, जेई जलकल धर्मवीर सिंह व जितेन्द्र सैनी, एनएसए डॉ. अजय प्रताप शाही, सीएसएफआई योगेश गोलियान, एसएफआई प्लाक्षा मैनवाल आदि मौजूद रहे।

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