चार साल से लगातार थानेदार रहने वाले इंस्पेक्टर महावीर सिंह चौहान को हटाया, एसएसपी संजय वर्मा ने सिविल लाइन से महावीर चौहान को हटाकर सीओ बुढ़ाना पेशी में किया तैनात
मुजफ्फरनगर। करीब चार वर्षों तक जिला मुख्यालय के प्रमुख थानों की लगातार कमान संभालने वाले इंस्पेक्टर महावीर सिंह चौहान का थाना प्रभारी के रूप वाला कार्यकाल आखिरकार समाप्त हो गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्हें सिविल लाइन थाने से हटाकर क्षेत्राधिकारी (सीओ) बुढ़ाना कार्यालय में पेशी शाखा में तैनात किया है। महावीर चौहान शहर कोतवाली, खालापार और सिविल लाइन जैसे शहर के तीन प्रमुख थानों में लगातार प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी जगह साइबर थाने में तैनात इंस्पेक्टर इन्द्रजीत को सिविल लाइन थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। इसी तबादला सूची में बिरालसी चौकी प्रभारी को भी हटाकर नया इंचार्ज नियुक्त किया गया है।
मुजफ्फरनगर पुलिस विभाग में कमांडर संजय वर्मा के निर्देशन में तबादला एक्सप्रेस चली, जिसके तहत कई चौकी प्रभारी एवं सब इंस्पेक्टरों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया। जारी आदेशों के अनुसार पुलिस लाइन में तैनात सब इंस्पेक्टर सतीश को बिरालसी चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं, बिरालसी चौकी प्रभारी रहे कुलदीप सिंह परिहार का तबादला तितावी थाने में कर दिया गया है। इसी क्रम में जनपद के प्रमुख थाना सिविल लाइन में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी महावीर सिंह चौहान को क्षेत्राधिकारी (सीओ) बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह के कार्यालय में पेशकार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, पूर्व में थाना चरथावल में वरिष्ठ उपनिरीक्षक (एसएसआई) रह चुके तथा वर्तमान में साइबर थाने में तैनात इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह को सिविल लाइन थाने का नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है। इंद्रजीत सिंह के द्वारा हाल ही में साइबर ठगी के कई बड़े मामलों का खुलासा किया और शातिर ठगों को न केवल गिरफ्तार किया, लोगों से ठगी गई रकम को बचाने का काम भी किया। उनके पास कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग का व्यापक अनुभव है, जिसे देखते हुए उन्हें जिले के महत्वपूर्ण थानों में शामिल सिविल लाइन की कमान सौंपी गई है। पुलिस विभाग में हुए इन प्रशासनिक फेरबदल को संगठनात्मक मजबूती और बेहतर पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई तैनाती पाने वाले अधिकारियों ने शीघ्र ही अपना कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।






