मंदिर आधारित सामाजिक-आर्थिक मॉडल पर संगठन ने दिया जोर, अभिनव स्वरूप बने शाश्वत हिन्दू प्रतिष्ठान के जिलाध्यक्ष
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में शाश्वत हिन्दू प्रतिष्ठान के पदाधिकारियों ने मंदिरों को समाज के व्यापक विकास का केंद्र बनाने की अवधारणा प्रस्तुत की। संस्था ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को जोड़ते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में अपने विभिन्न प्रकल्पों और योजनाओं का विस्तार से परिचय कराया।
शहर के भोपा रोड पर शनिवार को शाश्वत हिन्दू प्रतिष्ठान की ओर से एक पत्रकार वार्ता का आयोजन संगठन के संरक्षक आलोक स्वरूप के निवास पर किया गया। पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री संजय शर्मा ने शाश्वत हिन्दू प्रतिष्ठान के अभियान पर बनी 13 मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से संस्था के उद्देश्यों और योजनाओं को मीडिया के समक्ष विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि समाज का मूल आधार है। इसी सोच के तहत शाश्वत हिन्दू मंदिर इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इस इकोसिस्टम के अंतर्गत शाश्वत देवालय, शाश्वत प्रांगण, शाश्वत बाजार, शाश्वत कार्ड और आशीर्वाद कार्ड जैसी योजनाएं शामिल हैं, जिनका उद्देश्य मंदिरों को सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक गतिविधियों का केंद्र बनाना है। राष्ट्रीय महामंत्री संजय शर्मा ने कहा कि मंदिरों को भक्ति के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनाना समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण का मार्ग है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को धर्म और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि मंदिर यदि आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों से जुड़ते हैं तो इससे समाज को मजबूती मिलेगी और युवा पीढ़ी को एक सशक्त आधार प्राप्त होगा।

संस्था ने शाश्वत बाजार के माध्यम से स्वदेशी ई-कॉमर्स (ऑनलाइन बाजार) को बढ़ावा देने की योजना भी प्रस्तुत की। बताया गया कि यह मंच भारतीय उत्पादों को सनातन समाज के बीच बढ़ावा देगा और स्वदेशी व्यापार को नई दिशा देगा। इस व्यवस्था में किसी एजेंट, बिचौलिये या स्टॉक की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि उपभोक्ता सीधे सनातनी विक्रेता से जुड़ सकेंगे। व्यापार से होने वाले लाभ का एक हिस्सा उपभोक्ता को और दूसरा हिस्सा सनातन संस्कृति के सशक्तिकरण में लगाया जाएगा। पत्रकार वार्ता में “शाश्वत कार्ड” (डेबिट कार्ड आधारित व्यवस्था) की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह केवल बैंकिंग सुविधा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का माध्यम है।
इस कार्ड के माध्यम से किए गए खर्च का एक हिस्सा मंदिरों के संवर्धन, शाश्वत प्रांगण के संरक्षण और आश्रम सेवा में लगाया जाएगा। इस प्रकार उपभोक्ता का सामान्य खर्च भी सामाजिक और धार्मिक कार्यों में योगदान देगा। संस्था ने आशीर्वाद कार्ड को आस्था और आर्थिक सशक्तिकरण का अनूठा प्रयास बताया। इस कार्ड के जरिए उपयोगकर्ताओं को रिवॉर्ड या रॉयल्टी प्वाइंट्स मिलेंगे, जो देशभर के लगभग 8 लाख ऑनलाइन होटल, अस्पताल और 5.5 लाख दुकानों में उपयोग किए जा सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में संगठनात्मक विस्तार के तहत मुजफ्फरनगर में नई नियुक्तियों की घोषणा की गई। शाश्वत हिन्दू प्रतिष्ठान के सह-संगठन मंत्री रवि कटारिया और प्रदेश महामंत्री ललित माहेश्वरी द्वारा संजय शर्मा, आलोक स्वरूप और अनिल स्वरूप की उपस्थिति में उद्योगपति अभिनव स्वरूप को जिला अध्यक्ष और श्रवण अग्रवाल को जिला महामंत्री मनोनीत किया गया। इसके साथ ही मोहित बंसल को जिला कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवमनोनीत पदाधिकारियों का अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय महामंत्री संजय शर्मा ने बताया कि शाश्वत हिन्दू प्रतिष्ठान देश के 14 राज्यों के 20 चुनिंदा स्थानों के साथ ही मुजफ्फरनगर में भी शाश्वत प्रांगण की स्थापना करने जा रहा है, इसके लिए एक ऐसे मंदिर की तलाश की जा रही है, जिसमें पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो सके।
बताया कि इस अभियान में शुरूआत से ही आलोक स्वरूप और इनका परिवार पूर्ण सहयोग कर रहा है। आलोक स्वरूप को शाश्वत हिन्दू प्रतिष्ठान का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जा रहा है। बताया कि कश्मीर फाइल्स और केरल स्टोरी साइन करने वाली समीरा परवेज शाश्वत प्रांगण की आर्किटेक्ट हैं। इसके अलावा देश और विदेश के अनेक नामचीन लोग सेवाभाव से इस अभियान से जुड़े हैं। सितम्बर तक शाश्वत प्रांगण वजूद में आ जायेंगे। इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से संस्था ने मंदिर केंद्रित विकास मॉडल को समाज के सामने रखते हुए स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक सशक्तिकरण का संदेश दिया।






