सोमवती अमावस्या पर शुकतीर्थ में आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद रहे इंतजाम, एसपी ग्रामीण ने किया स्थलीय निरीक्षण

मुजफ्फरनगर। सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर मुजफ्फरनगर जनपद के प्रसिद्ध तीर्थस्थल शुकतीर्थ में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचने लगे और आस्था के साथ गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना एवं दान-पुण्य किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की। सोमवती अमावस्या के अवसर पर शुकतीर्थ गंगा घाट श्रद्धालुओं से पूरी तरह गुलजार रहा। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना की। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में दर्शन-पूजन किया तथा दान-पुण्य के धार्मिक कार्यों में भी भाग लिया।

इसे भी पढ़ें:  श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ, भव्य कलश यात्रा के साथ गूंजा शहर

श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती। गंगा स्नान शुरू होने से पहले ही घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर भी विशेष प्रबंध किए गए। सोमवती अमावस्या के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक ने थाना भोपा क्षेत्र स्थित पवित्र तीर्थस्थल शुकतीर्थ का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, घाटों पर सुरक्षा प्रबंध तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

इसे भी पढ़ें:  सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर मुजफ्फरनगर में जागरूकता कार्यशाला आयोजित

निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए तथा सुरक्षा व्यवस्था को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर यातायात व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। दिनभर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, जबकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते रहे। धार्मिक आस्था और प्रशासनिक सतर्कता के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण वातावरण में गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

इसे भी पढ़ें:  एसएसपी ने चार थानेदार बदले, इंस्पेक्टर आनंद देव को बुढ़ाना से हटाया

Also Read This