उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, सुनवाई शुरू

सुप्रीम कोर्ट द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय संकट पर जताई गई चिंता, जजों की टिप्पणी और बाढ़-भूस्खलन से प्रभावित पहाड़ी इलाका।

नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराए गए भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबन (Sentence Suspension) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। यह मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ के समक्ष विचाराधीन है।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह एक अत्यंत गंभीर और भयावह मामला है। उन्होंने कहा कि कुलदीप सेंगर पर धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप सिद्ध हुए हैं, जिनमें न्यूनतम सजा 20 वर्ष की कैद है, जो आजीवन कारावास तक बढ़ाई जा सकती है।

इसे भी पढ़ें:  जलेबी की दुकान के पास से जाते समय खौलते तेल की कड़ाही में गिरा किशोर

CJI की टिप्पणी

चीफ जस्टिस ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सुप्रीम कोर्ट दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के पक्ष में है। CJI ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि यदि पीड़िता नाबालिग न भी हो, तब भी क्या न्यूनतम सजा लागू होगी। इस पर तुषार मेहता ने जवाब दिया कि कानून में संशोधन के बाद न्यूनतम सजा 20 वर्ष निर्धारित की गई है।

इसे भी पढ़ें:  तालाब में डूबने से एक युवक समेत चार बच्चों की मौत

पीठ ने मामले में प्रतिवाद दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय देते हुए कहा कि 23 दिसंबर 2025 को पारित दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई जाती है, जिसके तहत कुलदीप सेंगर की रिहाई नहीं होगी।

हाईकोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती

गौरतलब है कि 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर की सजा को निलंबित करते हुए जमानत दी थी। हालांकि, कोर्ट ने यह शर्त रखी थी कि सेंगर पीड़िता से 5 किलोमीटर की दूरी बनाए रखेंगे। इस फैसले को CBI ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद यह सुनवाई शुरू हुई।

इसे भी पढ़ें:  नकली दवा प्रकरणः पत्नी के नाम लाइसेंस, व्हाटसएप पर दवा करोबार

प्रदर्शन और प्रतिक्रिया

इधर, मामले को लेकर दिल्ली में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से उनकी झड़प भी हुई, जिसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट पीड़िता के साथ न्याय करेगा और गलत आदेश को वापस लिया जाएगा।

Also Read This

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन बोले – अब पड़ोसियों पर हमला नहीं

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब ईरान पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सहयोग चाहता है।सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि जिन पड़ोसी देशों पर हमले हुए हैं उनसे माफी मांगना जरूरी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बताया कि सैन्य बलों को स्पष्ट आदेश दे दिया गया है।  उन्होंने कहा, “सैन्य बलों को निर्देश दिया गया है कि अब से पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न किया जाए जब तक उन पर पहले हमला न हो।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि

Read More »

अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर ईरान के राजदूत का बयान

अमेरिका और इजरायल के हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो जाने के बाद मिडिल ईस्ट का संकट और गहरा गया है। इस घटना के बाद उनके अंतिम क्षणों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।  ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फताली ने इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई अपनी सुरक्षा के लिए किसी बंकर में नहीं गए थे। उन्होंने बताया कि वे अंतिम समय तक राष्ट्रपति भवन के अपने कार्यालय में ही मौजूद रहे। राजदूत ने पश्चिमी मीडिया में चल रही उन खबरों को भी खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि खामेनेई हमले के डर से बंकर में चले

Read More »

पुलिस पर भारी पड़ रहे युवाओं को विदेश में नौकरियां दिलाने के नाम पर ठगने वाले कबूतरबाज

मुजफ्फरनगर। मीरापुर इलाके में विदेश में नौकरियां दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह शिकायतों के बावजूद पुलिस की मेहरबानी से खुला घूम रहा है। यह गिरोह आधा दर्जन से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है। कसबा मीरापुर के मौहल्ला मुश्तर्क निवासी तस्लीम पत्त्रि ईददू उर्फ फारुख ने जनसुनवाई और थाने में दी तहरीर में बताया कि करीब 11 माह पूर्व उसके पडौसी तालिब पुत्र खालिद व उसके साथी गाव कुतुबपुर निवासी प्रियांक पुत्र राजकुमार ने उसके 20 वर्षीय पुत्र वाहिद को डेढ़ लाख रुपये देकर दुबई में एक कम्पनी में अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी लगवाने का लालच देते हुए उनसे डेढ़ लाख रुपये लेकर वाहिद को

Read More »

यूपी मतदाता सूची पुनरीक्षण में 2.80 करोड़ मतदाताओं को राहत

उत्तर प्रदेश में चल रहे यूपी मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के तहत नोटिस पाने वाले 2.80 करोड़ मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। सुनवाई के दौरान वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद इन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बरकरार रखने की अनुमति दे दी गई है। चुनाव विभाग के अनुसार राज्य में कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने हैं, जिनमें से अब तक 3.08 करोड़ लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं।  यूपी मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत अब तक करीब 86 प्रतिशत यानी 2.80 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है। जांच के दौरान उनके दस्तावेज सही पाए जाने पर उनके नाम मतदाता सूची में

Read More »