सूली वाला बाग को शहीद स्मारक का दर्जा दिलाने की मांग तेज, राकेश टिकैत के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा में जुटेंगे किसान और कामगार
मुजफ्फरनगर। गणतंत्र दिवस पर पुरकाजी एक बार फिर किसान आंदोलन की गूंज से भरने वाला है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने इस वर्ष 26 जनवरी को पुरकाजी में विशाल ट्रैक्टर मार्च निकालने का एलान किया है। इस मार्च का उद्देश्य 1857 की क्रांति के ऐतिहासिक स्थल सूली वाला बाग को शहीद स्मारक का दर्जा दिलाने की मांग को मजबूती से उठाना है।
भारतीय किसान यूनियन ने घोषणा की है कि इस बार गणतंत्र दिवस पर पुरकाजी में भव्य ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सरकुलर रोड स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 26 जनवरी को संगठन का मुख्य कार्यक्रम पुरकाजी में आयोजित होगा। उन्होंने जानकारी दी कि ट्रैक्टर मार्च पुरकाजी बस स्टैंड से शुरू होकर ऐतिहासिक सूली वाला बाग तक जाएगा। किसानों के ट्रैक्टरों पर तिरंगा लहराते हुए यह मार्च एकता और संघर्ष का प्रतीक बनेगा।
राकेश टिकैत ने कहा कि वर्ष 2016 से भाकियू की ओर से सूली वाला बाग पर प्रतिवर्ष झंडा फहराया जाता है। उन्होंने मांग उठाई कि इस स्थल को सरकार शहीद स्मारक का दर्जा दे, क्योंकि 1857 की क्रांति के दौरान इसी बाग में बड़ी संख्या में स्वतंत्रता सेनानियों को अंग्रेजों ने फांसी पर लटका दिया था। उन्होंने बताया कि इस बार का ट्रैक्टर मार्च ऐतिहासिक होने वाला है। इसमें न केवल भाकियू के पदाधिकारी शामिल होंगे, बल्कि संयुक्त किसान मोर्चा के नेता भी बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराएंगे। मार्च के बाद सूली वाला बाग पर एक सभा भी होगी, जिसमें आगे की रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा पर विचार किया जाएगा।

कार्यक्रम की घोषणा के दौरान पुरकाजी नगर पंचायत के चेयरमैन एडवोकेट जहीर फारूखी भी मौजूद रहे। उन्होंने स्थानीय स्तर पर आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। चेयरमैन जहीर फारूकी का कहना है कि सूली वाला बाग देश की स्वतंत्रता का प्रतीक स्थल है, और इसे शहीद स्मारक घोषित करना शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। वो हर साल दोनों राष्ट्रीय पर्वों गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा निकालकर अपने इस आंदोलन के समर्थन में जनता को जोड़ने और सरकारों को जगाने का काम करते चले आ रहे हैं और अब भाकियू के इस ऐलान से उनके संघर्ष को भी नई शक्ति मिली है। इस ट्रैक्टर मार्च को लेकर क्षेत्र में उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में किसान इसमें भाग लेने की तैयारी कर रहे हैं।





