किसान मसीहा स्व. महेन्द्र्र सिंह टिकैत को दी श्रध्दांजलि

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन, भाकियूद्ध के संस्थापक और किसानों के मसीहा चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की 14वीं पुण्यतिथि पर सिसौली सहित कई स्थानों पर श्रध्दांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर किसान भवन, सिसौली में हवन-यज्ञ कर उन्हें श्रध्दांजलि दी गई। कार्यक्रम को ‘जल, जंगल, जमीन व पर्यावरण बचाओ संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया गया।

कार्यक्रम के दौरान किसान भवन में विशाल हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के किसानों समेत प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। हवन में आहुति देकर सभी ने चैधरी टिकैत के आदर्शों और विचारों को नमन किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प लिया गया, जो टिकैत जी की व्यापक सोच और दूरदृष्टि का प्रतीक है। इस दौरान राजनीतिक और किसान नेताओं की विशेष उपस्थिति रही। श्रध्दांजलि सभा में कई दिग्गज नेता पहुंचे और किसान मसीहा स्व. महेन्द्र सिंह टिकैत को स्मरण किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत किसानों की आवाज थे। उन्होंने हमेशा गांव, गरीब और किसान के हित में संघर्ष किया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। आज जब जल, जंगल और जमीन की स्थिति संकट में है, तब टिकैत जी के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने चौधरी टिकैत के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। भाकियू नेताओं ने किसानों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने और किसान विरोधी नीतियों का विरोध करने का आहवान किया। चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि एक आंदोलन की पुनस्र्थापना थी। यह दिन उनके विचारों, सि(ांतों और संघर्ष की भावना को फिर से जीवंत करने वाला बन गया। इस दौरान डाॅ. संजीव बालियान, पूर्व केंद्रीय मंत्री, योगराज सिंह, पूर्व मंत्री, हरेन्द्र मलिक, सांसद, चौ. नरेश टिकैत, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाकियूद्ध, चौ. राकेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाकियूद्ध विनोद मलिक सहित अन्य गणमान्य लोग।

इसे भी पढ़ें:  गौकशी करने जंगल में घुसे औसाफ को पुलिस ने किया लंगडा, गाय और बैल को बचाया
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *