रोहाना शुगर मिल को मिली बड़ी राहत, भूमि प्रकरण पर स्टे आदेश होगा लागू

नयन जागृति संवाददाता

मुजफ्फरनगर। रोहाना शुगर मिल का संचालन कर रही इंडिया पोटाश लिमिटेड को भूमि प्रकरण को लेकर कोर्ट के सहारे बड़ी राहत मिली है। भूमि प्रकरण में जिलाधिकारी ने मिल के खिलाफ आदेश पारित किया था, जिसको लेकर इंडिया पोटाश लिमिटेड के द्वारा कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर डीएम के आदेश को चुनौती दी गई थी। इसमें हाईकोर्ट ने डीएम के आदेश को खारिज करते हुए इंडिया पोटाश लिमिटेड के पक्ष में स्थगन आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट के इस आदेश का अनुपालन कराने के लिए मिल प्रबंधन ने मंडलायुक्त से मुलाकात की थी। इसमें उन्होंने डीएम को आदेश जारी करते हुए हाईकोर्ट के स्टे का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये हैं, जिससे मिल प्रबंधन को बड़ी राहत मिली है।

बता दें कि रोहाना शुगर मिल की स्थापना 1933 में हुई थी तथा उक्त चीनी मिल का अधिग्रहण उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा वर्ष 1984 में किया गया था एवं इसका प्रबन्धन उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम को दिया गया था। इसके पश्चात् चीनी मिल को राज्य सरकार द्वारा इण्डियन पोटाश लिमिटेड को स्लम सेल ऐग्रीमेन्ट के अर्न्तगत 12.10.2010 को विक्रय कर दिया गया और तत्सम्बन्धित विक्रय अभिलेखो को तहसील सदर मुजफ्फरनगर में 07.12.2010 को पंजीकृत करा दिया गया। मिल प्रबंधन के अनुसार उस समय चीनी मिल के पास 17.054 है0 भूमि थी और राज्य सरकार द्वारा 2500 टी0सी0डी चीनी मिल के विस्तारिकरण करने हेतु 18.473 है0 भूमि अर्जन अधिनियम के अर्न्तगत राज्यपाल के नोटिफिकेशन से अधिग्रहित चीनी मिल के लिए की गई। इस प्रकार चीनी मिल के पास अपनी कुल भूमि 35.5270 है0 हो गई थी। चीनी मिल की पंजीकृत भूमि में खसरा नं0 635/1 से 635/10 तक जिसका रकबा 2.050 हैक्टेयर है, भी सम्मलित है।

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शुगर मिल प्रबंधन के अनुसार पिछले दिनों इस भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अपने 45 वर्ष पूर्व भूमि के पट्टे केन्सिलेशन का दावा जिला मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर के न्यायालय में दायर किया गया। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा चीनी मिल के विरू( आदेश 24.08.2020 को पारित कर दिये थे। आईपीएल चीनी मिल ने उक्त आदेश के विरू( रिवीजन आयुक्त, सहारनपुर मण्डल सहारनपुर के न्यायालय में दायर किया था। आयुक्त द्वारा अपने आदेश में उक्त रिवीजन को खारिज कर दिया गया।

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बताया गया कि आईपीएल चीनी मिल द्वारा आदेशों के विरू( उच्च न्यायालय में रिट याचिकाऐं तत्समय दाखिल की गई हैं। उच्च न्यायालय ने अपीलों को स्वीकार करते हुए 06.11.2024 में दिए गये अपने आदेशों में सभी पक्षकारों को नोटस जारी करते हुए स्टे के आदेश पारित कर दिये हैं। आईपीएल की ओर से उक्त आदेश की प्रमाणित प्रति आयुक्त सहारनपुर मण्डल सहारनपुर को प्रेषित की गयी थी और उनसे इन आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने का आग्रह किया गया था। आयुक्त द्वारा 11.01.2025 को अपने पत्र द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को निर्देश जारी करते हुए उक्त उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित किए जाने के सम्बंध में निर्देश दिये है। रोहाना शुगर मिल प्रबंधन ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि यह भूमि सम्बंधी विवाद खड़ा करना इण्डियन पोटाश लिमिटेड की छवि को कुछ लोगों के द्वारा धूमिल करने का प्रयास मात्र था, जोकि उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के उक्त आदेश से स्वतः ही समाप्त हो गया है।

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