नो हेलमेट नो फ्यूल- एआरटीओ ने किया पेट्रोल पंपों का निरीक्षण, 15 वाहनों का चालान

मुजफ्फरनगर में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई, 30 सितम्बर तक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलेगा अभियान

मुजफ्फरनगर। सड़क सुरक्षा को लेकर जिले में चलाए जा रहे श्नो हेलमेट नो फ्यूलश् अभियान के तहत सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन सुशील कुमार मिश्रा ने 1 सितंबर 2025 को जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान 15 ऐसे वाहन चालक पाए गए, जो पेट्रोल भरवाने के लिए आए थे लेकिन हेलमेट नहीं पहने थे। इन सभी पर चालान किया गया।
इस अभियान का उद्देश्य वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने इसे लेकर सख्त रुख अपनाया है। अभियान पूरे सितंबर माह तक लगातार जारी रहेगा। सड़क दुर्घटनाएं भारत में बढ़ती जा रही हैं और हेलमेट न पहनने के कारण होने वाली मौतें भी चिंताजनक स्तर पर हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें पेट्रोल पंपों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई वाहन चालक पेट्रोल भरवाने के दौरान हेलमेट उतार देते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन श्री मिश्रा ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर जन जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नियमों का सख्ती से पालन भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का एक महत्वपूर्ण तरीका है। बिना हेलमेट वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि यह खुद की और दूसरों की जान को जोखिम में डालना है। जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अनुरोध किया है कि वह इस अभियान में सहयोग करें और हेलमेट पहनकर सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करें। साथ ही, वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों में कमी लाई जा सके। इस अभियान के तहत आगे भी पेट्रोल पंपों और सड़क किनारे निगरानी बढ़ाई जाएगी। ऐसे ही कई अन्य जगहों पर सख्ती से नियमों का पालन कराया जाएगा। प्रशासन की मंशा है कि इस पहल से मुजफ्फरनगर जिले में सड़क सुरक्षा के स्तर में सुधार हो और लोगों को सुरक्षित यातायात का अनुभव मिले।

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