सीडीओ की जांच में सड़क निर्माण की गुणवत्ता निम्न पाए जाने के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराजगी, डीएम कार्यालय पर शुरू हुआ आंदोलन
मुजफ्फरनगर। सिंचाई विभाग द्वारा पीनना गांव में पीनना से चरथावल को जोड़ने वाले राजवाहे की पटरी पर बनाई गई सड़क के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक निवासी पीनना ने प्रशासन और शासन को शिकायत भेजकर सड़क निर्माण में गुणवत्ता की भारी कमी, मानकों की अनदेखी और संभावित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। शिकायत में मांग की गई थी कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों को भी तलब किया गया। जांच के बाद सीडीओ ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी, जिसमें सड़क निर्माण को निम्न गुणवत्ता का बताया गया और शिकायत में लगाए गए आरोपों को सही ठहराया गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने भी इस प्रकरण में कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए बताया था कि जांच रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी गई है। हालांकि, काफी समय बीत जाने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई न होने से शिकायतकर्ता और ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
इसी के विरोध में आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक ने नए साल के पहले ही दिन कचहरी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनके समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता जितेन्द्र सिंह सहित अन्य लोग भी धरने पर पहुंचे और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। भूख हड़ताल पर बैठे सुमित मलिक का कहना है कि जब जांच में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की पुष्टि हो चुकी है, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।






