जनता रसोई के नाम पर एनजीओ का चल रहा था अवैध कब्जा, ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने टीम संग कार्रवाई कर भवन पर लगाया ताला
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका मुजफ्फरनगर ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से अवैध रूप से एक एनजीओ के कब्जे में चल रहे शेल्टर होम भवन के भूतल के हिस्से को कब्जामुक्त करा लिया। यह भवन करीब तीन साल से एक एनजीओ द्वारा जनता रसोई की सेवा उपलब्ध कराने के नाम पर कबजाया हुआ था और इसको अपने उपयोग में लाया जा रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया और अधिशासी अधिकारी ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर भवन खाली कराते हुए इस पर पुनः अपना कब्जा प्राप्त कर ताला लगा दिया है।

उल्लेखनीय है कि करीब तीन साल पूर्व नगरपालिका परिषद् के द्वारा शहर के समाजसेवियों और एक एनजीओ के साथ मिलकर नर सेवा नारायण सेवा की भावना के साथ रेलवे स्टेशन स्थित अपने शेल्टर होम के भूतल के भवन को जनता रसोई के लिए उपलब्ध कराया गया था। इस जनता रसोई का उद्देश्य असहाय, निर्धन और दिव्यांग व्यक्तियों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराना था। इसमें पालिका प्रशासन और एनजीओ के द्वारा समाजसेवियों और धर्म परायण लोगों से सहयोग जुटाने के लिए समन्वित प्रयास के साथ जनता रसोई चलाने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन कुछ महीने इसको चलाने के साथ ही भाजपा नेता विकास पंवार की एनजीओ ने भवन में अपना ताला डालकर कब्जा कर लिया और पालिका प्रशासन लाख प्रयासों के बावजूद भी इसको खाली नहीं करा पा रहा था।
इस अवैध कब्जे को हटाने के लिए मंगलवार को नगर पालिका की ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह के नेतृत्व में टीम ने शेल्टर होम पहुंचकर एनजीओ प्रबंधन से भवन खाली कराने की प्रक्रिया को पूर्ण कराया। प्रशासनिक टीम ने सख्ती दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई की और मौके पर मौजूद विकास पंवार तथा अन्य लोगों से मिलकर ताला खुलवाया और वहां पर रखा गया सामान को हटवाकर भवन को पूरी तरह खाली कराया। इसके बाद ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह के आदेश पर पालिका कर्मचारियों ने भवन पर आधिकारिक तौर पर ताला लगाकर कब्जा वापस ले लिया।
ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि यह भवन पालिका की संपत्ति है, जिसका उपयोग शेल्टर होम एवं सार्वजनिक कार्यों के लिए निर्धारित है। बिना स्वीकृति के किसी भी संगठन को इसका कब्जा नहीं दिया जा सकता। शिकायतों के मद्देनजर कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईओ ने बताया कि जानकारी में आया है कि करीब तीन साल पूर्व इस भवन को जनता रसोई के एक मानवीय उद्देश्य की पूर्ति के लिए दिया गया था, जिसको अब कब्जा किया गयाा। उन्होंने भवन की साफ-सफाई कर पुनः सार्वजनिक उपयोग हेतु इसे तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। ईओ ने बताया कि यह भवन भी शेल्टर होम का नया ठेका प्राप्त करने वाली एनजीओ शंखनाद खुर्जा को देने की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी, ताकि शेल्टर होम को और भी व्यवस्थित तरीके से सेवा में लाया जा सके।
नोटिस के बाद भी एनजीओ ने नहीं छोड़ा था कब्जा, जर्जर हो रहा था भवन
नगरपालिका परिषद् की ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पालिका प्रशासन ने असहाय और निर्धन बेसहारा लोगों को प्रतिदिन समाजसेवा के सहयोग से भोजन उपलब्ध कराने के लिए एनजीओ को रेलवे स्टेशन शेल्टर होम के भूतल पर एक कमरा और रसोई अस्थाई रूप से दिया था, लेकिन एनजीओ के द्वारा वहां पर वर्तमान में काफी समय से रसोई का संचालन नहीं किया जा रहा था और अपना कब्जा जमाया हुआ था।
इसके लिए कई बार एनजीओ को रसोई संचालित करने अन्यथा भवन खाली करने के लिए नोटिस दिया गया था। 19 जनवरी को भी उनके द्वारा एनजीओ आईटी एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास पंवार को नोटिस जारी किया था। इसमें साफ कहा गया था कि पालिका प्रशासन के द्वारा शेल्टर होम संचालन के लिए एनजीओ शंखनाद सेवा संस्थान खुर्जा को दिया गया है, ऐसे में पूरा भवन उनको सौंपना है। विकास पंवार को भवन खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन भवन पर उनका कब्जा जारी रहने पर मंगलवार को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई खुद उन्होंने अपनी देखरेख में पूर्ण कराई है।






