खतौली। जिनशासन प्रभावना संघ खतौली की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संघ की कार्यकारिणी और सदस्यों ने सरधना नगर में विराजमान आचार्य श्री 108 भारत भूषण जी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी तन, मन और धन से जिन धर्म प्रभावना के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
आचार्य श्री भारत भूषण जी महाराज ने संघ को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आत्मा के कल्याण और मोक्ष मार्ग पर अग्रसर होने के लिए जिन धर्म प्रभावना का विशेष महत्व है। धर्म प्रभावना ज्ञान, तप, आचार और त्याग के माध्यम से न केवल धर्म का प्रचार करती है, बल्कि जीव को कर्म बंधनों से मुक्त कर सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र की दिशा में आगे बढ़ाती है।
उन्होंने कहा कि सच्ची प्रभावना वही है जो राग-द्वेष से रहित होकर वीतरागता की ओर ले जाए और जिसमें आत्म-कल्याण को सर्वोपरि रखा जाए। जिन शासन की महिमा को बढ़ाना ही प्रभावना का मूल उद्देश्य है, ताकि अधिक से अधिक आत्माएं मोक्ष मार्ग पर अग्रसर हो सकें। यह आत्म-संयम, शास्त्र अध्ययन, ज्ञान प्रचार और अहिंसा के पालन से संभव है।
आचार्य श्री ने संघ के युवाओं की विशेष सराहना करते हुए कहा कि आज के भौतिकतावादी युग में जहां युवा वर्ग अक्सर भटकाव का शिकार होता है, वहीं जिनशासन प्रभावना संघ खतौली के युवाओं ने अल्प समय में धर्म प्रभावना के कार्य कर समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने युवाओं को इसी प्रकार आत्म-कल्याण और मोक्ष प्राप्ति के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की मंगलकामनाएं दीं।
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष ध्रुव जैन, मंत्री ऋषभ जैन, कोषाध्यक्ष आयुष जैन, उपाध्यक्ष अक्षत जैन, उपमंत्री अर्पित जैन, वरिष्ठ सलाहकार दीपक जैन, सलाहकार पीयूष जैन व दीपांकर जैन, मीडिया प्रभारी अंकित जैन, सह-मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित बड़ी संख्या में संघ सदस्य उपस्थित रहे।
सभी सदस्यों ने आचार्य श्री से आशीर्वाद प्राप्त कर खतौली प्रवास हेतु श्रीफल समर्पित किया। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और संघ के कार्यों की सभी ने सराहना की।






