जिलाध्यक्ष नवीन राठी के साथ डीएम कार्यालय पर दिया धरना, हमारा खेतदृहमारा अधिकार अभियान के तहत खेतों में भी जताया गया विरोध
मुजफ्फरनगर। भारत सरकार और अमेरिका के बीच हुए कृषि व्यापार समझौते के विरोध में गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय का घेराव किया। जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों किसान हाथों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में नारे लिखी तख्तियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर जोरदार विरोध दर्ज कराया।
भाकियू के जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्ट्रेट पहंुचकर जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता देश के किसानों के हितों के विपरीत है और इससे स्थानीय कृषि बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि यह समझौता देश की कृषि व्यवस्था को कमजोर कर सकता है। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि विदेशी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियां किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि सरकार इस समझौते पर पुनर्विचार करे और किसान संगठनों से संवाद स्थापित करे।
जिलाध्यक्ष नवीन राठी संयुक्त किसान मोर्चा के पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 12 फरवरी 2026 को सभी प्रदेशों के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया। इसी क्रम में दोपहर बाद भारतीय किसान यूनियन की प्रदेशभर की ग्राम इकाइयों ने ‘हमारा खेतदृहमारा अधिकार’ अभियान चलाया। इस अभियान के तहत किसानों ने अपने-अपने खेतों में पहुंचकर ‘भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता लिखे पर्चों की प्रतियां प्रतीकात्मक रूप से जलाकर विरोध प्रकट किया। नवीन राठी ने कहा कि यह आंदोलन प्रदेशव्यापी स्तर पर आयोजित किया गया है और यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी कि कृषि और व्यापार से जुड़े किसी भी समझौते में किसानों की भागीदारी और सहमति अनिवार्य की जाए, अन्यथा देशभर में व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान योगेश शर्मा, शाहिद आलम, गुलबहार राव सहित सैंकड़ों कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।





