एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई कर सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन ने गुरूवार को डीएम कार्यालय पहुंच सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया। इस दौरान संगठन ने आरोप लगाया कि सरकारी हस्तक्षेप के अभाव में वर्तमान में सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों को उनके नियोक्ताओं द्वारा विभिन्न अनुचित श्रम प्रथाओं का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि कई कंपनियां कर्मचारियों का अवैध स्थानांतरण करने के साथ जबरन काम से रोक रही है। इसके साथ बिना ठोस कारण के सेवा समाप्त कर रही है। साथ ही फर्जी आरोप लगाकर कुछ क्षेत्रों में वेतन एवं यात्रा भत्ता रोकने की शिकायत भी सामने आ रही है। एसोसिएशन का आरोप है कि नियोक्ता बिक्री संवर्धन कर्मचारी अधिनियम- 1976 तथा अन्य श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रहे है। यूनियन के नेताओं और कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने के लिए झूठी पुलिम शिकायतों के दर्ज कराने की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। संगठन ने केंद्र सरकार से प्रमुख मांगें रखी कि चारों नई श्रम संहिताओं को निरस्त कर पूर्ववर्ती श्रम कानूनों, विशेषकर बिक्री संवर्धन कर्मचारी सेवा की शर्ते अधिनियम- 1976 को यथावत लागू रखा जाए। सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों की नियुक्ति फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट के तहत की जाए।
कर्मचारियों की छंटनी, अवैध स्थानांतरण एवं सेवा समाप्ति पर रोक लगाई जाए। सभी कर्मचारियों को समय पर पूर्ण वेतन एवं यात्रा भत्ता भी सुनिश्चित किया जाए। 1976 के अधिनियम एवं नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। इसके साथ एफएमआरएआई के साथ चर्चा करते हुए अधिनियम के तहत स्पष्ट वैधानिक कार्य नियम बनाए जाएं, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के माध्यम से निगरानी, ट्रैकिंग और निजता में हस्तक्षेप पर रोक लगाई जाए। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से अपनी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई कर सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान देवेन्द्र शर्मा, दीपक कौशिक, अमित कुमार, मयंक वशिष्ठ, आशुतोष शर्मा, सचिन गौतम, ऋषभ समेत दर्जनों सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।




