यूपी में 20 हजार+ आउटसोर्स भर्ती का रास्ता साफ: 426 करोड़ बढ़ा बजट, 16 हजार न्यूनतम वेतन और आरक्षण लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स भर्ती व्यवस्था को नया स्वरूप देते हुए बड़े पैमाने पर नियुक्तियों की तैयारी शुरू कर दी है। बजट में 426 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ आउटसोर्स सेवा निगम के लिए 2223.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट में इस वृद्धि को आगामी महीनों में 20 हजार से अधिक पदों पर भर्ती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई भर्ती प्रक्रिया अब एजेंसियों के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे यूपी आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) के जरिए की जाएगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारियों को तय मानदेय और सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।

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अब तक प्रदेश में लाखों आउटसोर्स कर्मचारी अलग-अलग निजी एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत थे। समय पर वेतन न मिलना, मानदेय में कटौती और शासकीय सुविधाओं से वंचित रहना उनकी बड़ी शिकायतें थीं। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया है।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद कंपनी एक्ट के तहत निगम का पंजीकरण किया जा चुका है। इसे गैर-लाभकारी संस्था के रूप में संचालित किया जाएगा। 2003 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमृता सोनी को इसका प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। निगम ने सभी विभागों से रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है और जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

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आंकड़ों के अनुसार 2019-20 से 2026-27 के बीच आउटसोर्स निगम के बजट में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। इस बार 426 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटित किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह राशि न केवल नई नियुक्तियों बल्कि मौजूदा कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार, वेतन संरचना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर खर्च की जाएगी।

चर्चा है कि आने वाले समय में 20 से 50 हजार तक भर्तियों का दायरा बढ़ सकता है।

आउटसोर्स भर्ती में आरक्षण को लेकर पहले विपक्ष सरकार पर सवाल उठाता रहा है। अब निगम के जरिए होने वाली भर्तियों में स्पष्ट आरक्षण व्यवस्था लागू की गई है:

  • अनुसूचित जाति (SC) – 21%
  • अनुसूचित जनजाति (ST) – 2%
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 27%
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) – 10%
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सरकार का दावा है कि इससे सामाजिक न्याय सुनिश्चित होगा।

कर्मचारियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

निगम के तहत भर्ती कर्मचारियों को कई नई सुविधाएं मिलेंगी:

  • न्यूनतम वेतन 16 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह
  • वेतन सीधे बैंक खाते में, बिना किसी कटौती के
  • पीएफ (प्रॉविडेंट फंड)
  • मेडिकल अवकाश और मातृत्व अवकाश
  • कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा
  • तीन वर्ष का अनुबंध, बेहतर सेवा शर्तों के साथ

सरकार का मानना है कि पारदर्शी भुगतान प्रणाली से कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन में सुधार आएगा और शोषण की शिकायतें समाप्त होंगी।

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