कैराना वायरल पोस्ट मामला ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अचानक सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया पर एक युवक की कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी से जुड़ी तस्वीरें वायरल होते ही हड़कंप मच गया। लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच में जो सामने आया, उसने पूरे घटनाक्रम की दिशा ही बदल दी।

सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
शुक्रवार को सहारनपुर जनपद के गंगोह निवासी रोहित प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) और फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि कैराना क्षेत्र के बसेड़ा गांव का एक युवक पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी और अन्य विदेशी संदिग्धों के संपर्क में है।
पोस्ट के साथ युवक की फेसबुक प्रोफाइल के स्क्रीनशॉट भी साझा किए गए। इनमें युवक और कथित आतंकी को हथियारों के साथ दिखाया गया था। आरोप लगाने वाले ने प्रोफाइल की तकनीकी जांच कराने की मांग भी की। देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
मामला तूल पकड़ता देख डीजीपी कार्यालय ने तुरंत संज्ञान लिया। शामली पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह के निर्देश पर सीओ कैराना, साइबर क्राइम टीम और कैराना थाना प्रभारी की संयुक्त टीम गठित की गई।
प्रारंभिक जांच में साइबर विशेषज्ञों ने वायरल तस्वीर की तकनीकी पड़ताल की। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हथियारों के साथ दिखाई गई तस्वीर असली नहीं है, बल्कि इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। इस खुलासे के बाद मामले की दिशा पूरी तरह बदल गई।
पुलिस के अनुसार, जल्द ही संबंधित युवक से पूछताछ की जाएगी ताकि सभी पहलुओं की पुष्टि की जा सके। साथ ही, एसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक सामग्री साझा कर शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




