मुस्लिम सभासदों ने डीएम से मिलकर की हस्तक्षेप कर सौंदर्यकरण कार्य रुकवाने और परमवीर चक्र विजेता के स्मारक निर्माण की मांग
मुजफ्फरनगर। शहर में सुजडू चुंगी चौराहे का नाम परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद के नाम पर रखने के प्रस्ताव के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। नगरपालिका परिषद की बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के बीच उसी स्थान पर विकास प्राधिकरण द्वारा अशोक स्तंभ निर्माण कार्य शुरू कराए जाने से मामला उलझता नजर आ रहा है। इसको लेकर नगर पालिका के कुछ सभासदों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।
मुजफ्फरनगर में सुजडू चुंगी चौराहे के नामकरण को लेकर नया पेंच फंसता दिखाई दे रहा है। नगरपालिका परिषद की बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव के तहत इस चौराहे का नाम परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद के नाम पर करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन इसी स्थान पर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण द्वारा सौंदर्यकरण के तहत अशोक स्तंभ का निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है, जिसने नये विवाद को जन्म दे दिया है।
इसको लेकर नगरपालिका परिषद के कुछ सभासदों ने जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से मुलाकात कर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग उठाई। सभासद मोहम्मद खालिद, शहजाद चीकू, नौशाद खान और सभासद पति हसीब राना ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुरूप इस स्थल पर परमवीर चक्र विजेता शहीद अब्दुल हमीद का स्मारक बनाया जाना चाहिए। प्रार्थना पत्र में बताया गया कि 28 फरवरी 2026 को नगरपालिका परिषद की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव संख्या 914 के तहत सुजडू चौक का नाम बदलकर परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद चौक करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था। प्रस्ताव का उद्देश्य उस स्थान पर शहीद अब्दुल हमीद का स्मारक स्थापित करना था, ताकि उनके अदम्य साहस और बलिदान को सम्मान दिया जा सके।
सभासदों ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि विकास प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे अशोक स्तंभ के निर्माण कार्य को निरस्त कर उसी स्थान पर परमवीर चक्र विजेता के स्मारक का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि 1965 के भारत-पाक युद्ध में अद्भुत वीरता का परिचय देने वाले शहीद अब्दुल हमीद की स्मृति में यह स्थल अत्यंत गौरवपूर्ण बन सकता है।
दरअसल, इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में मीनाक्षी चौक का नाम बदलने का विवाद भी जुड़ा हुआ है। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप को पत्र लिखकर मीनाक्षी चौक का नाम अटल चौक करने का प्रस्ताव दिया था। यह वही चौक था, जिसका नाम पहले पालिका बोर्ड द्वारा वीर अब्दुल हमीद के नाम पर किया गया था। 28 फरवरी को हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया। इसी बैठक में सभासद नौशाद खान और मोहम्मद खालिद ने सुजडू चुंगी चौराहे का नाम परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद के नाम पर करने का प्रस्ताव रखा, जिसे बोर्ड ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
अब उसी चौराहे पर विकास प्राधिकरण द्वारा अशोक स्तंभ निर्माण शुरू होने से नामकरण और स्मारक निर्माण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सभासदों का कहना है कि यदि यहां स्मारक का निर्माण नहीं होता है तो बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। मामले को लेकर जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद को किस प्रकार सुलझाता है और चौराहे पर किस योजना को अंतिम रूप दिया जाता है।






