प्रयागराज: पति से झगड़े के बाद महिला ने अपने चार माह के बेटे की ईंट से कूंचकर हत्या कर दी। शव को रसोईघर में रखे लकड़ी के ढेर में छिपा दिया। काफी देर तक बच्चे के न दिखने पर परिजनों ने जब खोजबीन शुरू की। पूछने पर मां कुछ बोल भी नहीं रही थी। रात में करीब 10 बजे उसने बच्चे की हत्या की बात कुबूल की। गंगापार इलाके के सरायममरेज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि एक मां ने चार माह के बेटे ईश्वर की हत्या कर दी है। घटना पिलखिनी गांव की बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी मां को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।पिलखिनी गांव के पूरे जयसिंह निवासी संतोष यादव खेती बारी और मजदूरी करता है। उसकी शादी मनोरमा यादव से हुई है। दोनों को चार माह का एक बच्चा ईश्वर है। बताया जाता है पति-पत्नी में आए दिन खाना बनाने और अन्य बातों को लेकर विवाद होता रहता है। पिछले तीन चार दिनों से लगातार दोनों में झगड़ा चल रहा था। पुलिस के अनुसार पति से झगड़े के बाद अनुराधा ने अपने बेटे ईश्वर (4 माह) की घर में ही सिर पर ईंट से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को रसोई घर में रखे लकड़ी के ढेर में छिपा दिया। इसके बाद अपने काम में जुट गई। काफी देर तक बच्चे को न देखकर पति और परिवार के अन्य लोग परेशान थे। पूछने पर मनोरमा कुछ बता भी नहीं रही थी। परेशान परिजनों ने जब काफी दबाव डाला तो बुधवार रात्रि करीब 10 बजे महिला ने बेटे की हत्या की बात बताई। इसके बाद परिजनों ने शव को निकाला। सूचना पाकर सुबह पुलिस पहुंच गई। बताया जाता है कि महिला के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा है। एसीपी हंडिया ने बताया कि आरोपी महिला का मानसिक संतुलन ठीक नहीं लग रहा है। इसके विरुद्ध एफआईआर लिखकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

कैंची धाम मेला 2026 के लिए ट्रैफिक प्लान जारी, 15 जून को उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में 15 जून को स्थापना दिवस के अवसर पर लगने वाले भव्य मेले को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया गया है। बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले वाहनों को तय रूटों से डायवर्ट किया जाएगा और श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थलों से शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम भेजा जाएगा। कैंची धाम में मुख्य मेला 15 जून को आयोजित होता है, लेकिन श्रद्धालुओं की आवाजाही कई दिन पहले से शुरू हो जाती है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस





