15 हजार से अधिक पदों पर चयन प्रक्रिया शुरू, दिव्यांगजन, महिलाओं और शून्य गरीबी वर्ग के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आयोजित वृहद रोजगार मेले में प्रदेशभर से आए युवाओं को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार पाने का अवसर मिला। इस आयोजन के माध्यम से सरकार ने कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के साथ ही सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।
उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित वृहद रोजगार मेला-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से संवाद कर उनके भविष्य और रोजगार संबंधी अपेक्षाओं को जाना। रोजगार मेले में विभिन्न प्रतिष्ठित निजी कंपनियों द्वारा 15,000 से अधिक रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया संचालित की गई। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लेकर अपनी योग्यता के अनुरूप अवसर तलाशे।
आयोजन में विशेष रूप से दिव्यांगजन, महिलाओं एवं शून्य गरीबी श्रेणी के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी गई, ताकि उन्हें भी समान अवसर प्रदान करते हुए समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल विकास, बेहतर अवसर और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे वृहद रोजगार मेले न केवल बेरोजगारी कम करने में सहायक हैं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा को उसकी क्षमता के अनुसार प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) और रोजगार उपलब्ध हो। इसके लिए प्रदेश में कौशल विकास केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है और उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। आयोजन को सफल बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं की सक्रिय भूमिका रही।






