खतौली राम जन्मोत्सव के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। के.के. पब्लिक स्कूल, जैन नगर में आयोजित इस कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. चन्द्रमोहन शर्मा ने भगवान श्री राम के जीवन और आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला और समाज को उनके मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघ चालक अशोक अग्रवाल जी ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव जैन जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री राम और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ हुआ। संचालन नगर मंत्री आतिश गुप्ता जी द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. चन्द्रमोहन शर्मा ने अपने संबोधन में भगवान श्री राम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को उदाहरण सहित प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1528 में बाबर के सेनापति मीर बाकी द्वारा अयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर को ध्वस्त कर मस्जिद का निर्माण कराया गया था। इसके बाद लगभग 498 वर्षों तक हिंदू समाज ने संघर्ष किया, जिसमें लाखों रामभक्तों ने बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर पूर्ण रूप से निर्मित हो चुका है। डॉ. शर्मा ने कहा कि राम जन्मोत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि त्याग, मर्यादा और धर्म की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि भगवान श्री राम का जीवन त्याग, संयम, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राम ने राज्याभिषेक की तैयारी के बीच वनवास को सहर्ष स्वीकार कर आदर्श प्रस्तुत किया।
उनके जीवन के प्रत्येक प्रसंग समाज को नैतिकता और समरसता का संदेश देते हैं। डॉ. चन्द्रमोहन शर्मा ने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि सभी लोग भगवान श्री राम के बताए मार्ग पर चलें और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता, सत्संग प्रमुख प्रदीप गुप्ता, उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह, संरक्षक राकेश गुप्ता, व्यवस्था प्रमुख विजय शंकर गोयल, संपर्क प्रमुख अंकुर तायल, नगर सह मंत्री ठाकुर प्रसाद सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिला शक्ति और युवाओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। खतौली राम जन्मोत्सव का यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक बना, बल्कि समाज को भगवान श्री राम के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा भी दे गया।





