औद्योगिक प्रदूषण से त्रस्त ग्रामीण का पलायन, प्रशासन में हड़कम्प

डीएम ने दिए प्रभावित गांवों में जांच के आदेश, धर्मेन्द्र मलिक ने दी उद्योगों के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के मखियाली गांव में औद्योगिक प्रदूषण के कारण हो रही गंभीर बीमारियों से परेशान एक ग्रामीण परिवार के पलायन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कम्प मच गया और अफसरों का अमला हरकत में आ गया है। गांव में फैले कथित वायु और जल प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीम को प्रभावित ग्रामों में पहुंचकर मौके पर जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं किसान नेताओं ने इसे गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बताते हुए इस स्थिति के जिम्मेदार माने जाने वाले उद्योगों के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू करते हुए ग्रामीणों के साथ रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

प्रदूषण के गंभीर प्रभाव के कारण भयंकर बीमारियों की चपेट में कई गांवों के लोग आ रहे हैं। इन गांवों में बीमारियों को लेकर कई बार आवाज उठी, टीमों का गठन करते हुए जांच का दौर चला और कार्रवाई करने के दावे भी किये गये लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात ही रहा। अब फिर से प्रदूषण के कारण जीवन पर छाये संकट को दूर करने के लिए गांवों से आवाज उठी है। बीमारी से पीड़ित एक ग्रामीण ने गांव से प्रदूषण की समस्या बने रहने पर पलायन कर लिया। इसके बाद अफसर और मीडिया इस गांव में दौड़ा।

इसे भी पढ़ें:  12 घंटे में ही लूट की वारदाता का खुलासा, दो बदमाश गिरफ्तार, एक घायल

गांव मखियाली निवासी जितेन्द्र कुमार ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में बताया कि गांव में पिछले 10-12 वर्षों से औद्योगिक प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। आसपास संचालित पेपर मिलों से निकलने वाले धुएं और दूषित जल के कारण गांव के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं गंभीर बीमारी की चपेट में आ चुके हैं और उपचार पर अब तक 20 से 25 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। वर्तमान में वह आंखों की बीमारी से भी जूझ रहे हैं। जितेन्द्र के अनुसार, हालात इतने खराब हो गए कि अपना और परिवार का जीवन बचाने के लिए करीब दस दिन पहले उन्हें गांव छोड़कर पलायन करना पड़ा। उन्होंने कहा कि गांव का पानी भी दूषित हो चुका है, जिससे लोगों में लगातार बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आसपास संचालित बिन्दल, गर्ग, सिल्वरटोन समेत अन्य पेपर उद्योग वायु और जल प्रदूषण फैला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उनके पिता इसी प्रदूषण के कारण लीवर कैंसर से पीड़ित थे और इलाज के बावजूद उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद वह स्वयं ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए। उनका कहना है कि ग्रामीण कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और उद्योग प्रबंधन के समक्ष अपनी समस्या रख चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष पहले नया मकान बनाने के बावजूद परिवार को सबकुछ छोड़कर गांव से जाना पड़ा। उनका दावा है कि गांव के दर्जनों परिवार भी पलायन की तैयारी में हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक गांव मखियाली पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।

इसे भी पढ़ें:  विदेशी नौकरियों का सुनहरा मौकाः गोरखपुर में लगेगा रोजगार महाकुंभ

उन्होंने मीडिया के समक्ष आरोप लगाया कि उद्योगों के प्रदूषण के कारण 20 से 25 किलोमीटर क्षेत्र तक के गांव प्रभावित हो रहे हैं और लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों से क्षेत्र में रोजगार और विकास जरूर आया होगा, लेकिन यदि लोगों का जीवन ही संकट में पड़ जाए तो ऐसी प्रगति का कोई अर्थ नहीं रह जाता। उनका कहना था कि क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे पानी, भोजन, पशुओं का चारा और वातावरण तक प्रभावित हो चुका है। धर्मेन्द्र मलिक ने आरोप लगाया कि गांवों में उड़ने वाली राख मिट्टी में मिलकर जमीन को बंजर बना रही है और भूजल पीने योग्य नहीं बचा है। उन्होंने दावा किया कि कई बार पानी की जांच कराई गई, जिसमें गंभीर स्थिति सामने आई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण का असर गर्भ में पल रहे बच्चों तक पर पड़ रहा है और क्षेत्र में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बच्चों के जन्म लेने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल को बदले रहेंगे कई रास्ते, ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया डायवर्जन प्लान

ग्रामीण नहीं, जिम्मेदार लोगों को करना होगा पलायन

किसान नेता धर्मेन्द्र ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीणों को गांव छोड़ने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को पलायन करना चाहिए तो वे लोग हैं जो प्रदूषण फैलाकर लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से एकजुट होकर आंदोलन की तैयारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उद्योगों का संचालन नियमों के तहत होना चाहिए और यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो ग्रामीणों को अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले पंचायत और विधानसभा चुनावों में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। धर्मेन्द्र मलिक ने कहा कि प्रभावित ग्रामीणों को बीमारियों के लिए मुआवजा मिलना चाहिए और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार मखियाली के अलावा चांदपुर धंधेड़ा, मुझेडा, भंडूरा सहित आसपास के कई गांवों में भी प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि उद्योगों से निकलने वाले धुएं, राख और दूषित पानी के कारण खेती, पशुपालन और जनस्वास्थ्य पर लगातार दुष्प्रभाव पड़ रहा है। अब प्रशासनिक जांच और किसान संगठनों की सक्रियता के बीच यह मामला जिले में बड़ा जनआंदोलन बनने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

Also Read This

तेज रफ्तार कार की टक्कर में चार की जान गई, हरिद्वार जा रहे परिवार के 3 सदस्य घायल

सहारनपुर के रामपुर मनिहारान क्षेत्र में देहरादून-पंचकूला हाईवे पर हुए सड़क हादसे में हरियाणा के सोनीपत निवासी एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। परिवार कार से हरिद्वार जा रहा था, तभी दूसरी कार की टक्कर के बाद उनकी गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चरण सिंह अपने परिवार के साथ कार से हरिद्वार जा रहे थे। रास्ते में तेज रफ्तार दूसरी कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-टीम एमपीएल के टूर्नामेंट में आएंगे तेज गेंदबाज प्रवीण कुमारहादसे में चार लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि

Read More »

हथकड़ी समेत पुलिस अभिरक्षा से भागा शहनवाज, कुछ घंटे बाद मुठभेड़ में गोली लगने पर गिरफ्तार

मुजफ्फरनगर में पत्नी पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर गंभीर रूप से घायल करने के मुकदमे में वांछित शहनवाज पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, वह चिकित्सीय परीक्षण के लिए ले जाते समय चलती बाइक से कूद गया और पुलिसकर्मियों को धक्का देकर हथकड़ी समेत भाग निकला। खालापार पुलिस ने कुछ घंटों बाद किदवईनगर के कूड़ा प्लांट से काली नदी की ओर जाने वाले एटूजेड रोड पर मुठभेड़ के बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। इसे भी पढ़ें:  MUZAFFARNAGAR-शहर में शुरू हुआ डोर टू

Read More »

यूपी पंचायत चुनाव टलने पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, प्रधानों को प्रशासक बनाने पर रोक

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव टलने और कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के फैसले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत ने सरकार से पंचायत चुनाव कराने की समय-सीमा और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट हलफनामे के साथ पेश करने को कहा है। यह मामला ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता अरविंद राठौर की ओर से चुनाव कराए जाने और प्रशासकों की नियुक्ति समाप्त करने की मांग की गई है। इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-टीम एमपीएल के टूर्नामेंट में आएंगे तेज गेंदबाज प्रवीण कुमारहाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में देरी को लेकर सरकार से

Read More »

दुकान सील करने से पहले नोटिस दें, ‘अधिकारी आतंक न मचाएं’: कपिल देव अग्रवाल

मुजफ्फरनगर में चल रहे सीलिंग अभियान को लेकर नगर विधायक और राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों से नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने से पहले संबंधित संचालक को नोटिस देकर कमियां दूर करने का अवसर दिया जाए। कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि बिना पूर्व सूचना या नोटिस के सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारियों में भय और असंतोष का माहौल बनता है। उनके अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य नियमों का पालन कराना होना चाहिए, न कि व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी में डालना। इसे भी पढ़ें:  विदेशी नौकरियों का सुनहरा मौकाः गोरखपुर में लगेगा रोजगार महाकुंभमंत्री ने

Read More »

पांच दिन पहले जेल गया था आदिल, शुक्रवार सुबह मौत की खबर आई; परिवार ने लगाए प्रताड़ना के आरोप

मुज़फ़्फ़रनगर जिला कारागार में बंद 26 वर्षीय विचाराधीन बंदी आदिल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया है। आदिल महज पांच दिन पहले ही अदालत में पेश होने के बाद जेल भेजा गया था। उसकी मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आदिल को जेल के भीतर प्रताड़ित किया गया और पीट-पीटकर मार डाला गया। दूसरी ओर जेल प्रशासन इन आरोपों से साफ इनकार करते हुए कह रहा है कि बंदी की तबीयत खराब थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हुई। अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही साफ हो सकेगी। इसे

Read More »

भाकियू लोक शक्ति के कार्यकर्ताओं ने कैंडिल मार्च निकालकर लखनऊ हादसे के मृतकों को दी श्रद्धांजलि

खतौली। लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के कार्यकर्ताओं ने गत रात्रि कस्बे में कैंडिल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।   कैंडिल मार्च का नेतृत्व जिलाध्यक्ष ठाकुर नीरज सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में हुआ हादसा बेहद दुखद और पीड़ादायक है। इस घटना ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन

Read More »