ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आ रहे भारत के दो जहाज सुरक्षित गुजर रहे हैं और उनकी सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत अलर्ट पर तैनात हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों जहाजों पर तिरंगा लगा हुआ है और इन्हें सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है।
यह कदम इसलिए अहम है ताकि भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। यहां किसी भी प्रकार की बाधा का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों और ऊर्जा कीमतों पर पड़ता है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में भारत के लिए और भी तेल और गैस से लदे जहाज इसी मार्ग से गुजरने वाले हैं। ऐसे में भारतीय नौसेना की सक्रिय तैनाती यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी खतरे को तुरंत टाला जा सके।
हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि उनके देश ने भारत, पाकिस्तान, रूस समेत कई ‘मित्र राष्ट्रों’ के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी है। मुंबई स्थित ईरानी दूतावास के अनुसार, भारत सहित कई देशों को इस सूची में शामिल किया गया है, जिनके जहाज सुरक्षित आवाजाही कर सकते हैं, बशर्ते वे निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की कुल तेल और गैस आपूर्ति के लगभग पांचवें हिस्से को नियंत्रित करता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की नाकेबंदी का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। ईरान की हालिया नाकेबंदी के चलते वैश्विक समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है और ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल देखा गया है।
कुछ देशों ने तो राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल तक घोषित कर दिया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत तेल और करीब आधी प्राकृतिक गैस आयात करता है, जिसमें से बड़ी मात्रा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आती है। ऐसे में इस मार्ग की सुरक्षा भारत के लिए बेहद अहम है। हालांकि, पिछले सप्ताह भारतीय अधिकारियों ने उन खबरों को खारिज कर दिया था, जिनमें ईरान द्वारा जहाजों के बदले शर्तें रखने की बात कही गई थी। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत ने सतर्क रणनीति अपनाई है। नौसेना की तैनाती और कूटनीतिक संतुलन के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि देश में ईंधन आपूर्ति पर कोई असर न पड़े। 👉 आने वाले दिनों में इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।






