भाकियू नेता विकास शर्मा के साथ मौके पर पहुंचे किसानों ने किया प्रदर्शन, मुआवजा देने और त्वरित मरम्मत कराने की मांग
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में बेमौसम बारिश के बीच नहर टूटने की घटनाएं किसानों पर दोहरी मार बनकर सामने आ रही हैं। रात को हुई बारिश के बीच ही गांव बिरालसी और रोनी हरजीपुर के बीच नहर टूटने से जहां फसलें जलमग्न हो गईं, वहीं नहर पटरी की सड़क बीच से पूरी तरह से धंसने से ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो गया और कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है। भाकियू नेता विकास शर्मा किसानों के साथ अलसुबह ही मौके पर पहुंचे और वहां किसानों ने खेतों में फसल बर्बाद होने पर चिंता जाहिर करते हुए मआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, साथ ही तत्काल सड़क की मरम्मत कराकर आवागमन बहाल करने पर जोर दिया गया है।
मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र के गांव बिरालसी और रोनी हरजीपुर के बीच देर रात नहर टूटने से व्यापक नुकसान की स्थिति उत्पन्न हो गई। तेज बारिश के बीच नहर का पानी पटरी सड़क के नीचे से ढांग को पार कर गया और खेतों में तेजी से सड़क के दूसरी ओर स्थित खेतों में फैल गया, जिससे गेहूं समेत अन्य फसलें जलमग्न हो गईं। कई स्थानों पर कटी हुई फसल पानी में भीगकर खराब हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। घटना की सूचना मिलते ही भाकियू नेता विकास शर्मा बुधवार की सुबह किसानों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। किसानों ने मौके पर प्रदर्शन करते हुए सिंचाई विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि नहर की नियमित देखरेख नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं।
नहर का पानी तेज बहाव के साथ सड़क की ढांग को काटते हुए खेतों में घुस गया, जिससे बीच से सड़क पूरी तरह से धंस गई और मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। इससे बिरालसी,गुनियाजुड्डी और रोनी हरजीपुर सहित कई गांवों का संपर्क टूट गया है और ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भाकियू नेता केस ाथ आए ग्रामीणों और किसानों ने तत्काल सड़क मार्ग को दुरुस्त कराने की मांग की है। इस सम्बंध में मौके पर मौजूद रहे भाकियू नेता विकास शर्मा ने एसडीएम के साथ ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी घटना से अवगत कराते हुए समस्या के त्वरित समाधान की मांग की।
विकास शर्मा ने बताया कि इस समय खेतों में फसल कटाई का कार्य चल रहा है और किसान अपनी मेहनत की फसल को घर ले जाने में जुटे थे। ऐसे में बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि के बाद अब नहर टूटने से किसानों की स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दूरभाष पर सूचना देकर मौके पर बुलाया और जल्द से जल्द नहर को बंद कर पानी रोकने की मांग की। किसानों की मांग है कि जिन खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हुई हैं, उनका तत्काल सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
साथ ही नहर पटरी की नियमित निगरानी और मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। भाकियू नेता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द राहत कार्य शुरू नहीं किया गया और किसानों को मुआवजा नहीं मिला, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगा। प्रशासन से मांग की गई है कि जनपद में बारिश,ओलावृष्टि और नहर टूटने से हो रहे फसलों के नुकसान की रिपोर्ट शीघ्र शासन को भेजकर राहत दिलाई जाए।






