सीएम योगी से बोले कपिल देव-मुजफ्फरनगर से मिटाओ मुगलों की पहचान महाराज जी

मुजफ्फरनगर जनसभा में मंत्री कपिल देव अग्रवाल का बड़ा बयान, जनपद का नाम परिवर्तन की उठाई मांग, मुजफ्फरनगर तक मांगी रैपिड रेल

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने विकास, कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों पर जोरदार संबोधन दिया। उन्होंने जहां एक ओर जिले के विकास के लिए रैपिड रेल परियोजना की मांग उठाई, वहीं मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मीनगर करने का प्रस्ताव भी रखा।

मुजफ्फरनगर के मेरठ रोड स्थित नुमाइश ग्राउण्ड में सोमवार को आयोजित वृहद रोजगार मेला एवं जनसभा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी के मंच पर कार्यक्रम संयोजक एवं उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री तथा नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने अपने संबोधन की शुरुआत सीएम योगी और जयंत चौधरी के स्वागत में नारे लगवाकर की। उन्होंने पूर्व पीएम और भारत रत्न अटल बिहारी, चरण सिंह तथा पीएम नरेन्द्र मोदी के लिए भी नारे लगवाये। अपने भाषण में उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और नीतियों को विस्तार से रखा।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रदेश उत्तम प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा को लागू कर समाज के हर वर्ग के कल्याण करने के लिए काम होने का दावा किया। साथ ही, जयंत चौधरी के आगमन को जिले के लिए सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला पल बताया। मंत्री अग्रवाल ने मुजफ्फरनगर में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय जिले में अपराध और भय का माहौल था, जबकि वर्तमान सरकार में कानून का राज स्थापित हुआ है।

उन्होंने कांवड़ यात्रा के सुचारू संचालन को भी सरकार की उपलब्धि बताते हुए कहा कि आज जब हम सीएम योगी के साथ अहिल्याबाई होल्कर स्मारक का अनावरण कर जनसभा स्थल की ओर कार से आ रहे थे तो मैंने बताया कि यही मार्ग कांवड़ यात्रा मार्ग है और यहां पर पूर्व में प्रतिबंध का दौर चलता था, लेकिन आज कांवड़ यात्रा चल रही और डीजे भी बज रहे हैं।
रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आज भी इस रोजगार मेले में केन्द्र और यूपी की भाजपा सरकारों के समन्वय से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं और नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। यूपी में सीएम योगी के नेतृत्व में औद्योगिक निवेश के बढ़ते माहौल का जिक्र करते हुए उन्होंने मुजफ्फरनगर में भी औद्योगिक विकास की सौगात और संभावनाओं को भी रेखांकित किया।

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उन्होंने शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में मुजफ्फरनगर जनपद में ट्रिपल-सी आईटी जैसे संस्थानों की स्थापना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा। किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि गन्ना मूल्य में वृद्धि की गई है और 400 रुपये प्रति कुंतल का भाव दिया गया। मोरना शुगर मिल के विस्तार के लिए 226 करोड़ रुपये का बड़ा बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा, मुजफ्फरनगर में रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण को भी जल्द शुरू होने वाला बताया।

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अपने संबोधन के अंत में उन्होंने जिले के नाम परिवर्तन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सीएम योगी सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक बनकर कार्य कर रहे हैं, यूपी में मुगलकालीन कई पहचान को खत्म किया गया और महापुरुषों को सम्मान मिला है। ऐसे में उन्होंने मंच से ही सीएम योगी से मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मीनगर करने की मांग करते हुए कहा कि यह मुगलकानी पहचान मिटाई जानी आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने यहां पर यातायात के सुगम अवसर की मांग भी उठाते हुए कहा कि मेरठ तक रैपिड रेल (आरआरटीएस) परियोजना आ चुकी है, इसको मुजफ्फरनगर तक विस्तारित करने के लिए जनता मांग कर रही है, मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इसके लिए सरकार की ओर से प्रस्ताव केन्द्र को भेजा जाये, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके।

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