दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में गंभीर घायल कासिम ने तोड़ा दम, चौकी इंचार्ज को किया सस्पेंड
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्टरी में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। बारूद में हुए लगातार धमाकों से क्षेत्र में दहशत फैल गई। हादसे में झुलसे एक किशोर की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रशासन ने मामले में लापरवाही बरतने पर संबंधित चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया है।
थाना रतनपुरी क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर माफी में शनिवार को अवैध पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बारूद में विस्फोट होने लगे। धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के गांवों में भी अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि इस भयंकर हादसे में दो किशोरों समेत कुल पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से एक किशोर की हालत नाजुक होने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। शनिवार की देर रात को उपचार के दौरान किशोर अब्दुल कासिम की मौत हो गई। रविवार सुबह जब शव गांव लाया गया तो माहौल गमगीन हो गया। परिवार में कोहराम और गांव में शोक था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। कड़ी सुरक्षा के बीच शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
शनिवार को हुई इस घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें गांव मोहम्मदपुर की दो दुकानों से भारी मात्रा में पटाखे बरामद किए गए थे। इनको जब्त कर कार्यवाही सुनिश्चित की गई। पुलिस के अनुसार, इस अवैध फैक्टरी का संचालन गाजियाबाद के लोनी निवासी कुछ व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, इन लोगों ने गांव के उमरोज से स्थान किराये पर लिया था। यहां स्थानीय बच्चों, महिलाओं और अन्य लोगों से काम कराया जा रहा था, जो अपनी आजीविका के लिए इस खतरनाक कार्य में लगे थे। घटना के बाद फैक्टरी संचालक फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। वहीं, हादसे में झुलसे तीन अन्य लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इस गांव के क्षेत्र की निगरानी करने वाली रतनपुरी थाने की सठेड़ी पुलिस चौकी के इंचार्ज उप निरीक्षक रूपेश कुमार को क्षेत्र की निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने भी मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और अवैध पटाखा निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर अवैध पटाखा फैक्ट्रियों की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने एक मासूम की जान ले ली, जबकि कई परिवारों को संकट में डाल दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।






