लालवाला गांव में दलित-राजपूत संघर्ष के बाद जाना चाहते थे आसपा सांसद, पुलिस ने जाने से पहले रोका, आवास के बाहर भारी फोर्स तैनात
सहारनपुर। देवबंद क्षेत्र के लालवाला गांव में दो बीघा जमीन को लेकर दलित और राजपूत समाज के बीच हुए विवाद के बाद बढ़े तनाव में पुलिस सख्त रवैया बनाये हुए हैं। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद गांव लालवाला जाना चाहते थे, लेकिन उनको रविवार सुबह पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। प्रशासन ने छुटमलपुर स्थित उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और किसी भी समर्थक को अंदर-बाहर आने-जाने पर नजर रखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सांसद चंद्रशेखर आजाद रविवार को देवबंद के लालवाला गांव जाने वाले थे। शनिवार को गांव में दो बीघा जमीन को लेकर अनुसूचित जाति और ठाकुर समाज के लोगों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया था। विवाद के दौरान दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और पथराव हुआ, जिसके बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन को आशंका थी कि यदि चंद्रशेखर आजाद गांव पहुंचते हैं तो बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी वहां एकत्र हो सकते हैं। इससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण होने की संभावना जताई जा रही थी। इसी को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुबह ही छुटमलपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
सूत्रों के मुताबिक सांसद दलित पक्ष के लोगों से मुलाकात करने और संघर्ष में घायल हुए लोगों का हाल जानने के लिए लालवाला गांव जाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। आवास के बाहर तैनात पुलिस बल लगातार निगरानी करता नजर आया। वहीं लालवाला गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाई गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी देखी जा रही है, जबकि प्रशासन इसे एहतियाती कदम बता रहा है। दूसरी ओर गांव में अभी भी तनाव बना हुआ है और पुलिस लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है।






