बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की 15वीं पुण्यतिथि पर किसान भवन सिसौली में चिंतन-मंथन
मुजफ्फरनगर। सिसौली स्थित किसान भवन में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और किसान आंदोलन के प्रखर नेता बाबा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 15वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, मजदूरों, यूनियन पदाधिकारियों और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक हस्तियों ने भाग लेकर बाबा टिकैत को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान गांव, खेत और किसान की अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।

किसान भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों और मजदूरों के हितों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चिंतन एवं मंथन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा समय में खेती और किसानों के सामने कई चुनौतियां खड़ी हैं, जिनसे निपटने के लिए एकजुटता जरूरी है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, सिंचाई, बिजली और भूमि संरक्षण जैसे विषयों पर संघर्ष तेज करने की आवश्यकता बताई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने जल, जंगल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि को संकल्प दिवस के रूप में मनाया। सुबह किसान भवन परिसर में हवन का आयोजन किया गया, जिसमें परिवार के सदस्यों के साथ किसानों और यूनियन पदाधिकारियों ने आहुति दी। भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी हवन में भाग लिया। इसके बाद किसान भवन में स्थित बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

पूर्व सांसद डॉ. संजीव बालियान ने समाधि स्थल पहुंचकर बाबा टिकैत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ सपा महासचिव एवं सांसद हरेन्द्र मलिक, सपा विधायक पंकज मलिक, रालोद विधानमंडल दल के नेता एवं विधायक राजपाल बालियान, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह तथा जिला बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।

डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष, नेतृत्व और किसान हितों के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि बाबा टिकैत केवल एक किसान नेता नहीं बल्कि किसानों की आवाज थे, जिन्होंने गांव और खेती को बचाने के लिए आजीवन संघर्ष किया।

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने अपने संबोधन में कहा कि आज खेती और किसान दोनों संकट के दौर से गुजर रहे हैं। किसानों को संगठित रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि गांव, खेत और किसान को बचाना ही बाबा टिकैत को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राकेश टिकैत ने किसानों से जल संरक्षण, पर्यावरण बचाने और खेती को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने बाबा टिकैत के बताए रास्ते पर चलने और किसान हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प दोहराया।






