किसान नेता ने बेरोजगारी और जनअसंतोष को बताया नई राजनीतिक लहर की वजह, बोले-जनता की आवाज कब तक दती रहेगी
मुजफ्फरनगर। देश की राजनीति में इन दिनों नया सनसनीखेज आंदोलन खड़ा करते हुए सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा बटोर रही कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ती नाराजगी और बेरोजगारी का गुस्सा यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो यह नई राजनीतिक लहर भविष्य में बड़ा तूफान बन सकती है। इस पार्टी प्लेटफार्म से जुड़कर देश के नाराज ‘कॉकरोच’ सियासी समीकरण को ही पलटकर रख सकते हैं। टिकैत ने कहा कि किसी भी नई ताकत को केवल मजाक समझकर नजरअंदाज करना राजनीतिक दलों के लिए भारी पड़ सकता है।
मुजफ्फरनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में जनता बहुत तेजी से अपनी राय बना रही है और अब लोग पारंपरिक राजनीति से अलग विकल्प तलाशने लगे हैं। उन्होंने कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ भले ही अभी शुरुआती दौर में केवल एक सोशल मीडिया सनसनी दिखाई दे रही हो, लेकिन जिस तरह युवा, बेरोजगार और व्यवस्था से नाराज लोग इससे जुड़ रहे हैं, वह देश में एक बड़े सियासी बदलाव का संकेत माना जा सकता है।
राकेश टिकैत ने कहा कि इस पार्टी का संचालन करने वाला युवा अमेरिका में रहकर काम कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद भारत में बड़ी संख्या में लोग इसके समर्थन में सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि यही माहौल आगे भी बना रहा तो आने वाले समय में कई प्रभावशाली लोग और जनप्रतिनिधि भी इससे जुड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनता जब किसी मुद्दे पर नाराज होती है तो वह नए विकल्प तलाशने लगती है और यही किसी भी नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत होती है।
उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि अगर सत्ता और व्यवस्था से कहीं गलती हुई है तो उसे स्वीकार कर लेना चाहिए। समय रहते जनता से संवाद और माफी का रास्ता अपनाना जरूरी है, क्योंकि युवाओं का बढ़ता आक्रोश भविष्य में बड़ा राजनीतिक रूप ले सकता है। राकेश टिकैत ने देश में बढ़ती बेरोजगारी को सबसे गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि आज पढ़ा-लिखा युवा नौकरी के लिए भटक रहा है। उन्होंने कहा कि पहले जिन नौकरियों के लिए आवेदन तक नहीं आते थे, आज वहां लाखों युवा लाइन में दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति साफ बताती है कि रोजगार का संकट लगातार गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि जब युवाओं को अवसर नहीं मिलते तो उनका असंतोष किसी न किसी रूप में बाहर आता है। उन्होंने सरकार की विभिन्न नीतियों, एनजीटी के नियमों, स्वास्थ्य सेवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए। टिकैत ने कहा कि गांवों और छोटे शहरों में लोग कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को ज्यादा समय तक दबाकर नहीं रखा जा सकता।
उल्लेखनीय है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से चर्चा में आई है। बताया जा रहा है कि इस पार्टी की शुरुआत एक युवा भारतीय ने अमेरिका में रहकर की, जिसने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं की नाराजगी को मुद्दा बनाकर डिजिटल अभियान शुरू किया। शुरुआत में इसे व्यंग्य और सोशल मीडिया ट्रेंड के रूप में देखा गया, लेकिन धीरे-धीरे बड़ी संख्या में युवाओं ने इससे जुड़ना शुरू कर दिया। इसका कारण 15 मई को आये कोर्ट के एक फैसले के दौरान न्यायाधीश की टिप्पणी से हुई। न्यायाधीश ने बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ बताया था। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने ट्रेंड किया और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, मीम्स और लाइव चर्चाओं के जरिए इस संगठन ने अपनी अलग पहचान बनाई है। राजनीतिक जानकार इसे युवाओं की नाराजगी और व्यवस्था के खिलाफ बढ़ते असंतोष का प्रतीक मान रहे हैं।






