UP School Summer Vacation 2026: उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियों को आगे बढ़ा दिया गया है। अब बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 20 मई 2026 से 24 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। नए आदेश के अनुसार 25 जून 2026 से विद्यालय दोबारा खुलेंगे और नियमित पठन-पाठन शुरू होगा।
मंगलवार को गर्मी की छुट्टियों के बाद प्रदेश के कई परिषदीय स्कूल खुले थे। बच्चों का रोली-टीका लगाकर स्वागत किया गया और पहले दिन मिड-डे-मील में खीर भी परोसी गई। लेकिन प्रदेश में गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने अवकाश अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
गर्मी और लू को देखते हुए लिया गया फैसला
अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से ग्रीष्मकालीन अवकाश कैलेंडर में बदलाव किया गया है। विभागीय स्तर पर माना गया कि अत्यधिक गर्मी और लू के कारण स्कूल खुलने के बाद जिला स्तर पर बार-बार छुट्टी घोषित करने की स्थिति बनती है। इससे पढ़ाई और स्कूल संचालन दोनों प्रभावित होते हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश को 24 जून तक बढ़ा दिया गया है। 25 जून से विद्यालयों में पढ़ाई शुरू होगी। हालांकि शिक्षकों को स्कूल संचालन से जुड़ी तैयारियों के लिए पहले से व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
22, 23 और 24 जून को स्कूल आएंगे शिक्षक
आदेश के अनुसार 22, 23 और 24 जून को शिक्षक विद्यालय पहुंचकर जरूरी तैयारियां पूरी करेंगे। इस दौरान टाइम टेबल तैयार करने, मिड-डे-मील की व्यवस्था देखने, पाठ्य-पुस्तकों की तैयारी, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी।
विभाग ने साफ किया है कि विद्यालय खुलने से पहले परिसर की साफ-सफाई और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी होनी चाहिए। जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में पठन-पाठन नहीं कराया जाएगा।
21 जून को मनाया जाएगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ने के बावजूद 21 जून को विद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। योग दिवस के कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर योग अभ्यास और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
किताबों और जनगणना ड्यूटी को लेकर भी चुनौती
प्रदेश में कई शिक्षक अभी जनगणना और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगे हुए हैं। ऐसे में स्कूलों में नियमित पढ़ाई शुरू कराने से पहले शिक्षकों की उपलब्धता भी एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। इसके अलावा कई विद्यालयों में अभी सभी बच्चों तक पाठ्य-पुस्तकें पूरी तरह नहीं पहुंच पाई हैं।
विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि सभी विद्यार्थियों को समय से पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक शैक्षिक सत्र में 220 दिन की पढ़ाई सुनिश्चित कराना अनिवार्य रहेगा।
ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ने से बच्चों और अभिभावकों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन अब विभाग के सामने 25 जून से स्कूलों में नियमित पढ़ाई को व्यवस्थित ढंग से शुरू कराना बड़ी जिम्मेदारी होगी।






