फायर सेफ्टी और अन्य मानकों में खामियां मिलने पर कई अस्पताल सील, प्रशासनिक टीमों ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक चलाया छापामार अभियान
मुजफ्फरनगर। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद शासन के निर्देश पर जनपद में अवैध और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक अभियान जारी है। गुरुवार को पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमों ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक छापेमारी कर कई अस्पतालों, प्रशिक्षण केंद्रों और अन्य बड़े प्रतिष्ठानों की जांच की। जांच के दौरान फायर सेफ्टी समेत अन्य आवश्यक मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठानों को सील किया गया।
शहर के सदर बाजार क्षेत्र स्थित आत्रेय हॉस्पिटल में निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी व्यवस्था और अन्य अनिवार्य मानक अधूरे पाए गए। टीम ने आवश्यक दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के बाद अस्पताल को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति बनी रही। वहीं भोपा रोड स्थित आनन्द हॉस्पिटल के बेसमेंट में संचालित विभिन्न चिकित्सा सेवाओं की जांच में भी अनियमितताएं सामने आईं। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) की टीम ने बेसमेंट को अवैध रूप से उपयोग में लाया जाना पाए जाने पर वहां संचालित पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे तथा अन्य चिकित्सा इकाइयों को सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भवन मानचित्र और निर्धारित नियमों के विपरीत गतिविधियां संचालित किए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा सदर बाजार क्षेत्र के अन्य अस्पतालों का भी निरीक्षण किया गया, जहां विभिन्न प्रकार की कमियां मिलने पर संबंधित प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए तथा नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संयुक्त अभियान में सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह, एमडीए, विद्युत विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि जिलेभर में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।






