BIG PLAN-द्वापर युग के सनातनी वैभाव का दर्शन कराएगा शुक्रतीर्थ

मुजफ्फरनगर। पौराणिक मान्यता के अनुसार भागवत कथा की जन्मभूमि और धार्मिक आस्था का केंद्र माने जाने वाला शुक्रतीर्थ जल्द ही इतिहास और आध्यात्मिकता का अद्वितीय संगम बनने जा रहा है। आने वाले दिनों में यहां भागवत महोत्सव मोक्ष कुम्भ का ऐसा आयोजन होगा, जिसमें काशी की भव्यता, अयोध्या का दिव्य दीपोत्सव और द्वापर युग का अलौकिक वैभव एक साथ दर्शन देगा। श्रद्धालु न केवल कथा और संत-समागम का आनंद लेंगे, बल्कि लेजर लाइट शो और पौराणिक संस्कृति में आधुनिकता के संगम की धार्मिक थीम के जरिये द्वापर काल की जीवंत झलक भी देख सकेंगे।

भागवत कथा उद्गम स्थली के रूप में प्रसिद्ध पावन तीर्थ स्थल शुक्रतीर्थ अब द्वापर युग की झलक दिखाने के लिए तैयार हो रहा है। आने वाले दिनों में यहां भव्य भागवत महोत्सव मोक्ष कुम्भ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें धार्मिक आस्था, पौराणिक वैभव और आधुनिक तकनीक का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। मंगलवार को मंडल आयुक्त सहारनपुर अटल कुमार राय की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में आयोजन की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा हुई। तय किया गया कि काशी और अयोध्या की तर्ज पर लेजर लाइट शो, दीपोत्सव और पौराणिक-ऐतिहासिक थीम पर आधारित विभिन्न आकर्षक कार्यक्रम आयोजित होंगे। महोत्सव में देशभर से विख्यात कथा वाचक, महामंडलेश्वर, साधु-संत और अन्य धार्मिक हस्तियां आमंत्रित की जाएंगी, जिससे आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

शुक्रतीर्थ, जो पौराणिक मान्यताओं के अनुसार द्वापर युग से जुड़ा है, भागवत कथा की जन्मभूमि के रूप में पूजनीय है। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को पुनर्जीवित करना है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन देना है। प्रशासन का दावा है कि आयोजन स्थल पर आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक द्वापर युग की अनुभूति कर सकेंगे और अद्वितीय धार्मिक माहौल का अनुभव करेंगे। इस आयोजन के लिए मुख्य दायित्व मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को मिला हे। इसके लिए तैयारियों में प्रशासन की गंभीरता इस बात से झलकती है कि विभागवार जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं और सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, जल एवं विद्युत आपूर्ति, मंच सज्जा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संत-आवास आदि सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में स्थल निरीक्षण और अभ्यास कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।यह भव्य मोक्ष कुम्भ न केवल मुजफ्फरनगर के लिए गौरव का विषय होगा, बल्कि इस जनपद के साथ ही शुकतीर्थ को भी राष्ट्रीय धार्मिक मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगा।

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एमडीए सचिव कंुवर बहादुर सिंह ने बताया कि शासन से शुकतीर्थ में भव्य भागवत महोत्सव के निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिसके लिए यहां पर मोक्ष कुम्भ आयोजित करने की रूपरेखा पर चर्चा के लिए यह मीटिंग हुई। कार्यक्रम कब और कितने दिन का होगा, इसके लिए अलग अलग विचार आये हैं। आगामी बैठक में इसके लिए निर्णय किया जायेगा। कहा कि शुकतीर्थ में आगामी भागवत महोत्सव मोक्ष कुम्भ में श्रद्धा, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का ऐसा संगम होगा, जिसमें दीपोत्सव की स्वर्णिम आभा, लेजर लाइट शो का अद्भुत नजारा और देशभर से आए संत-महात्माओं के आशीर्वचन, सब कुछ एक साथ देखने को मिलेगा। अभी कार्यक्रम का स्वरूप बनाया जा रहा है। बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, एमडीएम उपाध्यक्ष कविता मीना, मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार सिंह, एमडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारियों और योगदान पर विस्तार से चर्चा की, ताकि आयोजन का हर पहलू सुव्यवस्थित और प्रभावशाली हो।

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