1 जुलाई से ग्राम सचिवालय में बैठेंगे लेखपाल, अब नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर

लखनऊ- उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से लेखपाल ग्राम सचिवालयों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार बैठेंगे। इससे आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, खतौनी, वरासत और अन्य राजस्व सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध होंगी। नई व्यवस्था से ग्रामीणों को तहसील के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सेवाएं अधिक पारदर्शी व समयबद्ध होंगी।
योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं अधिक सुगम और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप अब प्रत्येक जनपद में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। इसको लेकर राजस्व परिषद की ओर से सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया गया है। पत्र में रोस्टर तैयार कर 1 जुलाई से नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को नहीं लगाने पड़ेंगे तहसीलों के बार-बार चक्कर
राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लगातार प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवाओं को गांव स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रत्येक जनपद में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में पहले से स्थापित ग्राम सचिवालयों का उद्देश्य विभिन्न विभागों की सेवाओं को ग्रामीणों तक एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।

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