राजीव कुमार की कार्यप्रणाली जांच के घेरे में आई, चरथावल की सफाई व्यवस्था की सात दिन में मांगी रिपोर्ट, ईओ पर निलंबन की गाज का खतरा
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद खतौली और नगर पंचायत चरथावल में वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं तथा सफाई व्यवस्था में लापरवाही के मामलों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। दोनों निकायों में अधिशासी अधिकारी का दायित्व निभा रहे राजीव कुमार की कार्यप्रणाली जांच के दायरे में आ गई है। जिलाधिकारी के आदेश पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने उनके अक्टूबर माह के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। वहीं चरथावल नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्थलीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। जांच अधिकारी को सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इस कार्रवाई के बाद अधिशासी अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई और निलंबन की संभावना भी जताई जा रही है।
खतौली पालिका की शिकायत शासन तक पहुंची
नगर पालिका परिषद खतौली के सभासद मनोज कुमार और पूर्व सभासद डॉ. मौ. अथर ने 29 सितंबर 2026 को शासन को शिकायती पत्र भेजकर पालिका में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। शिकायत में विभिन्न मामलों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास अनुभाग-2 के अनु सचिव चंद्रपाल सिंह ने 15 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को पत्र जारी किया। शासन ने पूरे प्रकरण की जांच कराकर 15 दिनों के भीतर स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इससे स्पष्ट है कि खतौली पालिका से जुड़ी शिकायत को शासन स्तर पर गंभीरता से लिया गया है।
चरथावल में सफाई व्यवस्था की खुली पोल
दूसरी ओर नगर पंचायत चरथावल में सफाई व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। स्थानीय निकाय निदेशालय उत्तर प्रदेश की ओर से 23 अक्टूबर 2026 को डीसीसीसी के माध्यम से नगर पंचायत की लाइव मॉनिटरिंग की गई थी। इस दौरान नगर क्षेत्र के कई स्थानों पर कूड़े के ढेर पाए गए। निदेशालय ने इस स्थिति को विभागीय निर्देशों की अवहेलना मानते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों और सर्वाेच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी। इस मामले में दो दिन पूर्व ही नगर पंचायत अध्यक्ष मास्टर इस्लाम और सभासदों ने भी सफाई व्यवस्था में लापरवाही को लेकर आरोप लगाए थे। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराने का निर्णय लिया।
स्थलीय निरीक्षण में जियो टैग के साथ साक्ष्य जुटाने के निर्देश
सफाई कार्यों की समुचित निगरानी नहीं करने और प्रशासनिक लापरवाही के दृष्टिगत जिलाधिकारी के आदेश पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) देश दीपक सिंह ने 3 नवंबर 2026 को आदेश जारी किया। इसके तहत अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार के अक्टूबर 2026 के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। चरथावल नगर पंचायत की सफाई व्यवस्था की स्थलीय जांच के लिए अपर उप जिलाधिकारी (सदर) कृष्णकांत विश्वकर्मा को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें सात दिनों के भीतर मौके पर पहुंचकर जांच करने, जियो टैग फोटो सहित साक्ष्य जुटाने और स्पष्ट संस्तुति के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार के पास नगर पालिका परिषद खतौली के अधिशासी अधिकारी के साथ नगर पंचायत चरथावल का अतिरिक्त प्रभार भी है। ऐसे में दोनों निकायों से जुड़े मामलों में उनकी कार्यप्रणाली की जांच हो रही है। पूरे प्रकरण की जानकारी खतौली नगर पालिका के सभासद मनोज कुमार और पूर्व सभासद डॉ. मौ. अथर ने मीडिया को दी है।
