महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष के खिलाफ साधा निशाना, महिला अधिकारों के समर्थन में जागरूकता का दिया संदेश
मुजफ्फरनगर। महिला आरक्षण बिल पर विपक्षी दलों की नीति के खिलाफ और नारी सम्मान के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल बनाने के लिए देश और प्रदेश के साथ ही मुजफ्फरनगर शहर में भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी दलों के विरोध के खिलाफ जनआक्रोश पदयात्रा निकालते हुए महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान भाजपा की महिला जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ ही कार्यकर्ताओं का एक जनसैलाब उमड़ा नजर आया।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा नारी शक्ति, महिला अधिकारों एवं महिला आरक्षण के समर्थन में बुधवार को एक विशाल जनआक्रोश पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा सुबह 10.30 बजे टाउनहाल मैदान से शुरू होकर शिव चौक पर जाकर संपन्न हुई। पदयात्रा का आयोजन महिला हितों पर हो रहे प्रहार और महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्षी दलों के रुख के विरोध में किया गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और नारी सम्मान तथा अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की। पदयात्रा के माध्यम से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति व्यापक जागरूकता का संदेश दिया गया। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि नारी शक्ति के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण, सम्मान और अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध रही है और भविष्य में भी इस दिशा में कार्य करती रहेगी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं हो पाने के लिए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दल जिम्मेदार हैं, जिन्होंने महिला आरक्षण का विरोध कर अपनी नीति स्पष्ट कर दी है।
जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं को राजनीतिक अधिकार देने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बाधा उत्पन्न की। उन्होंने कहा कि भाजपा देशभर में इस मुद्दे को लेकर जनजागरण अभियान चला रही है और विपक्ष की नीतियों को उजागर कर रही है। एमएलसी वंदना वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है और इसके लिए ठोस कदम जरूरी हैं।

नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि आज सभी ने इस जनआक्रोश महिला पदयात्रा में सहभागिता कर महिलाओं की आवाज को मजबूती देने का संकल्प लिया है। कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर हो रही राजनीति के खिलाफ यह पदयात्रा महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत पहल है। समाज में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देना ही वास्तविक विकास का आधार बताया गया। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक एवं महत्वपूर्ण कदम था, जिसे विपक्षी दलों की महिला विरोधी मानसिकता के कारण स्वीकार नहीं किया गया।
पदयात्रा में शामिल लोगों ने ‘नारी शक्ति अधिनियम’, ‘महिला हितों पर प्रहार बंद करो’ और ‘महिलाओं के अधिकारों पर वार नहीं सहेंगे’ जैसे नारों के साथ ही कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों के विरोध में भी नारे लगाकर अपने आक्रोश और समर्थन को प्रकट किया और सर्वसमाज से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए समर्थन की अपील की। पदयात्रा में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी, एमएलसी वन्दना वर्मा, नगरपालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, ब्लॉक प्रमुख अक्षय पुंडीर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व सांसद अनुराधा चौधरी, पूर्व विधायक उमेश मलिक, अशोक कंसल, सुशीला अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तोमर, सहकारी बैंक चेयरमैन ठा. रामनाथ सिंह, मीडिया प्रभारी पवन अरोरा, पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेन्द्र सैनी, विजय शुक्ला, जिला महामंत्री शरद शर्मा, संजय गर्ग, सुनील दर्शन, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कविता सैनी, जिला मंत्री ममता अग्रवाल, रोहतास पाल, विशाल गर्ग, भाजयुमो जिलाध्यक्ष कार्तिक काकरान, कविता सैनी, अंजली चौधरी, श्वेता कौशिक, रजत त्यागी, विजय प्रजापति, सभासद मनोज वर्मा, राजीव शर्मा, बॉबी सिंह, रितु त्यागी, ममता बालियान, सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं महिला शक्ति की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।






