मुजफ्फरनगर में मातमः ड्यूटी के बाद कमरे पर सोए पीएससी जवान की लखनऊ में हार्ट अटैक से मौत

मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी गुलजार अली 49वीं वाहिनी पीएससी में लखनऊ में थे तैनात, रात को सोए और फिर उठे नहीं

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा में तैनात एक और जवान की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना कस्बा निवासी पीएससी जवान गुलजार अली की लखनऊ में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। ड्यूटी खत्म करने के बाद कमरे में सोए गुलजार अली सुबह नहीं जाग सके। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बुढ़ाना कस्बा निवासी पीएससी जवान गुलजार अली (उम्र लगभग 30 वर्ष) का गुरुवार शाम करीब छह बजे लखनऊ में हार्ट अटैक से निधन हो गया। बताया गया कि वह ड्यूटी समाप्त करने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। काफी देर तक जब वह दोबारा ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो उनके साथी जवान वीरेंद्र को शंका हुई। वीरेंद्र ने जब कमरे में जाकर देखा तो गुलजार अली अचेत अवस्था में पड़े मिले और उनके शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं थी। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है।

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मृतक जवान के पिता शराफत अली ने बताया कि गुलजार अली वर्ष 2019 में 49वीं वाहिनी पीएससी में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती लखनऊ में मंत्री संदीप की गार्ड ड्यूटी में थी। गुरुवार शाम उन्हें फोन के माध्यम से बेटे की मौत की सूचना मिली, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गुलजार अली के दोस्त आरिफ ने भी बताया कि वह 49वीं वाहिनी पीएससी, गौतम बुद्ध नगर में भर्ती हुए थे और इन दिनों लखनऊ में सेवाएं दे रहे थे। गुलजार अली की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले कांधला क्षेत्र के पास एक गांव में हुई थी। उनकी छह माह की एक बेटी है। वह चार भाई-बहनों में से एक थे।
जैसे ही गुलजार अली के निधन की खबर बुढ़ाना पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी बेसुध होकर गिर पड़ीं। घर पर परिजनों और रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। पूरे मोहल्ले में गमगीन माहौल है और हर आंख नम है। खबर मिलने के बाद कुछ परिजन भी लखनऊ रवाना हो गए थे। परिजनों ने बताया कि अस्पताल से गुलजार अली के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक कस्बा बुढ़ाना बड़ौत रोड स्थित आवास पर लाया गया और देर शाम सैंकड़ों लोगों की मौजूदगी में उनके जनाजे को स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। इस दौरान परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल था।

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