अखिल भारतीय पर्यटक यान संशोधन नियम 2026 एक अप्रैल से पूरे देश में लागू होने जा रहे हैं। नई नियमावली के तहत अब निजी परमिट वाहन केवल अपने गृह राज्य से ही अपनी यात्रा शुरू कर सकेंगे और किसी भी अन्य राज्य में लगातार 60 दिनों से अधिक नहीं रह सकेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इन नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं, जो उत्तराखंड समेत सभी राज्यों में प्रभावी होंगे।
अखिल भारतीय पर्यटक यान संशोधन नियम 2026: यात्रा और अवधि में बदलाव
संशोधित नियमों के अनुसार, अब प्रत्येक पर्यटक वाहन के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह अपनी यात्रा उसी राज्य से शुरू करे, जहां से उसे परमिट जारी किया गया है। इसके साथ ही किसी भी वाहन को अपने गृह राज्य के बाहर 60 दिनों से अधिक लगातार रहने की अनुमति नहीं होगी। परमिट की वैधता अवधि भी 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है।
टोल बकाया और पहचान संबंधी अनिवार्यता
अब परमिट के लिए आवेदन करते समय यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित वाहन पर राष्ट्रीय राजमार्ग का कोई टोल फीस बकाया न हो। व्यक्तिगत आवेदकों के लिए आधार और कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट पहचान संख्या या जीएसटी नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे यह सत्यापित किया जाएगा कि आवेदक का व्यवसाय उसी राज्य में है, जहां वाहन पंजीकृत है।
इन बदलावों के साथ अखिल भारतीय पर्यटक यान संशोधन नियम 2026 का उद्देश्य निजी परमिट वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है। एक अप्रैल से लागू होने वाले इन प्रावधानों का असर देशभर में संचालित पर्यटक वाहनों पर दिखाई देगा।






