मुजफ्फरनगर। कई दिनों से बाजारों में ईद उल फितर का त्यौहार मनाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही थी, लेकिन रविवार से शुरू हुआ चैत्र नवरात्रि पर्व भी बाजारों में रौनक पैदा करने वाला साबित हो रहा है। इसके लिए शनिवार के बाद आज रविवार को भी बाजारों में नई रंगत ने व्यापारियों में खुशियों का आलम पैदा कर दिया। बाजारों में हिंदू और मुस्लिम ग्राहकों की भीड़ ने भाईचारे की नई तस्वीर पेश की तो वहीं रमजान के साथ ही नवरात्र आने पर फलों के दामों ने तो मानो आसमां ही छू लिया। केला, नारियल, सेब और अन्य फलों पर रविवार को दाम तेजी से बढ़ते नजर आये।
30 मार्च 2025 से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है, और उसी दौरान ईद-उल-फितर भी सोमवार को मनाई जाने की पूरी संभावना को देखते हुए बाजारों में हिंदू और मुस्लिम ग्राहकों की भारी भीड़ ने नया कौतूहल पैदा किया। इन दो बड़े त्योहारों के एक साथ आने से मुजफ्फरनगर के मुख्यालय सहित सभी नगर और कस्बों के साथ गांव देहात के बाजारों में रौनक छा गई है। सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है और दुकानदारों के चेहरों पर उत्साह साफ झलक रहा है। कपड़ों, मिठाइयों, पूजा सामग्री और सजावटी सामानों की दुकानों पर खरीदारी के लिए लोग उमड़ पड़े हैं। यह अनोखा संगम शहर में एक सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के साथ नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व के लिए बाजारों में पूजा सामग्री की दुकानें सज गई हैं। लाल चुनरी, फूल, माला, कलश और मूर्तियों की खरीदारी के लिए लोग बड़ी संख्या में बाजार पहुंच रहे हैं। नवरात्र के कारण इस बार मांग पिछले साल से ज्यादा है, क्योंकि लोग उत्साह के साथ त्योहार मनाने को तैयार हैं। महिलाएं खासतौर पर नवरात्रि के लिए नए परिधान और श्रृंगार का सामान खरीद रही हैं, जिससे बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है। दूसरी ओर, ईद-उल-फितर की तैयारियां भी अपने चरम पर हैं। रमजान का महीना चल रहा है और चांद के दीदार के साथ 31 मार्च को ईद मनाई जा सकती है। इस मौके पर लोग नए कपड़े, मिठाइयां और उपहार खरीदने में व्यस्त हैं।