घर में घुसकर पीटा, पुलिस ने पीड़ितों को हथकड़ी लगाकर हवालात में बैठाया

झगडे के बाद पीड़ित पक्ष को हवालात भेजने का आरोप, एसएसपी के आदेश पर 13 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज

मुजफ्फरनगर। भौंराकला थाना क्षेत्र के गांव मौहम्मदपुर राय सिंह में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घायल और पीड़ित परिवार की बात सुनने के बजाय हमलावर पक्ष का साथ दिया, उन्हें हवालात में डाल दिया और उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया। गांव निवासी जगपाल पुत्र रूपा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि 26 अप्रैल 2026 को पड़ोसी सोमपाल उर्फ दुम्मा, सुरेशपाल समेत नौ लोगों के साथ उनका विवाद हुआ था, जिसमें उनकी पत्नी सहित उनके परिवार के पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस समय समाज के लोगों ने बीच-बचाव कर समझौता करा दिया था।

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आरोप है कि 29 अप्रैल की शाम करीब सात बजे विपक्षी पक्ष के लोगों ने दोबारा संगठित होकर लाठी डंडे और धारदार हथियार लेकर उनके घर हमला कर दिया। शिकायत के अनुसार शिवम, सागर, मोहित, भोला, रूपा, खुशी, शिवानी, श्रीओम, उम्मा, सुरेश, कमलेश, राखी, छोटी समेत अन्य अज्ञात लोगों ने उनके घर पर धावा बोल दिया था। इस दौरान उनके दो बेटों के सिर फट गए, पत्नी का गला दबाकर हत्या का प्रयास किया गया और उसके साथ मारपीट कर कपड़े तक फाड़ दिए गए। उनकी पत्नी को पहले हमले में घायल किया गया था, उसे सिर पर गहरी चोट थी, इसके बावजूद फिर से सिर पर वार किए गए। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनकी बेटी ने तत्काल पुलिस को फोन कर सूचना दी थी।

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जगपाल ने आरोप लगाया कि पुलिस मौके पर पहुंची और उनका व एक बेटे का मेडिकल कराया, लेकिन परिवार के अन्य घायल बच्चों का मेडिकल नहीं कराया गया। अगले दिन थाने बुलाने पर लिखित शिकायत देने पहुंचे तो उन्हें हथकड़ी लगाकर हवालात में डाल दिया गया और दिनभर थाने में रखने के बाद उनका चालान कर दिया गया। इतना ही नहीं, उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि हमलावर लगातार उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते रहे, लेकिन पुलिस ने न तो किसी की गिरफ्तारी की और न ही कोई ठोस कार्रवाई की। इसके बाद उन्होंने एसएसपी से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।

एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने मामले की दोबारा जांच की, जिसके बाद हमलावर बताए जा रहे पक्ष के उपरोक्त 13 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से सुरेशपाल पुत्र सुखबीर ने भी थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि 29 अप्रैल की शाम जगपाल व संजीव पुत्रगण रूप्पा, अंकित और अमित पुत्रगण जगपाल उनके घर के पास पहुंचे और बिना किसी कारण गाली-गलौज करते हुए उनके परिवार के लोगों के साथ मारपीट की। उनका कहना है कि इस हमले में उनकी बहन छोटी, रूपा और शिवानी को चोटें आईं और मेडिकल भी कराया गया। साथ ही जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने भी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्कता बनाए हुए है।

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