लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि 2017 से पहले प्रदेश अराजकता, दंगों और अपराध के चक्र में फंसा हुआ था, लेकिन आज वही यूपी कानून-व्यवस्था, निवेश और औद्योगिक विकास के नए मानक तय कर रहा है।
सीएम योगी लखनऊ में आयोजित यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में सरकार ने 11 कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत मेडिकल डिवाइस और नई दवाओं के शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 900 से अधिक दंगे हुए।
“ऐसा शायद ही कोई शहर रहा हो जिसने कर्फ्यू का दौर न देखा हो। व्यापारी, उद्योगपति, डॉक्टर—हर कोई असुरक्षित था। गुंडा टैक्स देना मजबूरी बन चुका था,” योगी ने कहा।
उन्होंने बताया कि अपराध के उस माहौल में युवा प्रदेश छोड़ने को मजबूर थे और कंपनियां भी यूपी से पलायन कर रही थीं।
“जहां इंसान का बचपन बीता हो, उस जमीन को छोड़ना बहुत तकलीफ देता है। लेकिन हालात ऐसे थे कि लोग मजबूर हो गए थे,” उन्होंने कहा।
सीएम योगी ने कहा कि जब 2017 में उन्हें प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई, तब सबसे पहले यह तय किया गया कि अपराध और माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
“अपना-पराया कुछ नहीं होगा। अगर अपना व्यक्ति भी गलत करेगा, तो उस पर वही कानून लागू होगा, जो माफिया और अपराधी पर होता है,” उन्होंने साफ कहा।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्रवाई को लेकर उठने वाले सवालों पर भी खुलकर जवाब दिया।
उन्होंने कहा, “अक्सर लोग पूछते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई। अगर अपराधी के पास गोली चलाने की आजादी है, तो पुलिस को भी आत्मरक्षा और कार्रवाई का अधिकार होना चाहिए।”
योगी ने कहा कि पुलिस को इसी उद्देश्य से आधुनिक हथियार और प्रशिक्षण दिया गया है।
“पुलिस को यह सिखाया गया है कि अपराधी जिस भाषा में समझे, उसी भाषा में कानून की बात समझाई जाए,” उन्होंने कहा।
सीएम योगी ने दावा किया कि अपराधियों और माफियाओं पर सख्ती का असर साफ दिखा है।
“आज न दंगों की चर्चा है, न कर्फ्यू की। प्रदेश में शांति है, स्थिरता है और इसी वजह से निवेशक यूपी पर भरोसा कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
फार्मा कॉन्क्लेव के दौरान सरकार ने 11 कंपनियों के साथ करार किया। इन समझौतों के तहत मेडिकल डिवाइस निर्माण, नई दवाओं के शोध और फार्मा सेक्टर में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
सीएम ने कहा कि यह यूपी को हेल्थ और फार्मा हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।






